बिजवासन इलाके में दंपति की हत्या के पीछे नोटबंदी का कनेक्शन सामने आया है। जेल में बंद साजिशकर्ता प्लॉट के बयाना के तौर पर दिए गए 20 लाख रुपये के नए नोट लेना चाहता था। लेकिन दंपति आरोपी को न तो प्लॉट बेच रहे थे और न ही नए नोट ही मुहैया करवा पा रहे थे।
इस बात का खुलासा पुलिस के गिरफ्त में आए साजिशकर्ता के नाबालिग बेटे समेत तीन आरोपियों ने किया है। पकड़े गए आरोपियों में दो नाबालिग हैं, जबकि एक बालिग की पहचान गांव बजघेरा गुरुग्राम हरियाणा निवासी साहिल राणा (19) के रूप में हुई है। साहिल बैडमिंटन का जूनियर स्तर का राष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुका है।
जिला पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र कुमार ने बताया कि 14 नवंबर की शाम बिजवासन इलाके में रहने वाले संजय राणा और उसकी पत्नी ललिता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। संजय के साथ रहने वाली उसकी साली किरण ने बताया कि किराये पर मकान लेने आए दो युवकों ने उन पर अंधाधुंध गोली चलाई है।
संजय कांग्रेस पार्टी का कार्यकर्ता था और एनजीओ चलाता था। पक्षाघात होने की वजह से ललिता काम में उसकी मदद करती थी। संजय का प्रॉपर्टी को लेकर कई लोगों से व पारिवारिक विवाद चल रहा था।
तफ्तीश में यह बात भी सामने आई कि संजय ने बिजवासन निवासी राकेश से 70 लाख में एक प्लॉट का सौदा किया था। राकेश ने बयाने के तौर पर 20 लाख रुपये दिए थे। लेकिन हत्या के एक अन्य मामले में राकेश के जेल जाने और 500, 1000 के नोट बंद हो जाने की वजह से दंपति ने प्लॉट बेचने से इनकार कर दिया था।
सोमवार को पुलिस ने सूचना पर सुरखपुर रोड से राकेश के नाबालिग बेटे समेत तीन आरोपियों को पकड़ा। इनके पास से दो पिस्टल, एक तमंचा, छह कारतूस और वारदात में इस्तेमाल दो स्कूटी बरामद की गई। आरोपियों ने वारदात में शामिल होने की बात कबूल कर ली।