बवाना उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) विवादों में है। आप की अल्पसंख्यक विंग की तरफ से बवाना के अल्पसंख्यक समुदाय के नाम लिखा एक कथित पोस्टर इलाके में बांटा जा रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व मंत्री इमरान हुसैन की तस्वीरों वाले इस पत्र में कौम के नाम पर एकजुट होकर आप को वोट देने की अपील की गई है। हालांकि, मामला मीडिया में आने के बाद इमरान हुसैन ने पोस्टर को फर्जी बताया है। साथ ही आप की लीगल सेल ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। जबकि दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग में आज शिकायत दर्ज कराने की बात कही है।
विज्ञापन
पोस्टर में लोगों को कसम दिलाते हुए वोट करने की अपील
2 of 6
- फोटो : अमर उजाला
अल्पसंख्यक समुदाय को संबोधित पोस्टर में कहा गया है कि वोटों में फूट पड़ने का दर्द कौम को सबसे ज्यादा पता है। साथ ही नसीहत भी दी गई है कि एक भी गलत वोट देने से दुश्मनों के हाथ में खेलने जैसा होगा। पोस्टर में लोगों को कसम दिलाते हुए एकजुट होकर वोट करने की अपील की गई है। इसके लिए सबसे बेहतर पार्टी के तौर पर आप को बताया गया है। इतना ही नहीं, पोस्टर को समुदाय के सभी धार्मिक स्थलों व हर घर तक पहुंचाने की बात भी कही गई है।
विज्ञापन
पोलिंग स्टेशन में मोबाइल लेकर प्रवेश पर प्रतिबंध
3 of 6
- फोटो : अमर उजाला
पत्र मीडिया में आने के बाद आप बचाव की मुद्रा में आ गई है। सोशल मीडिया पर इमरान हुसैन ने सफाई दी कि बवाना उपचुनाव में उनके नाम पर फर्जी पोस्टर बनाए गए हैं। इसके खिलाफ उन्होंने पुलिस में शिकायत करने का दावा किया। बवाना उपचुनाव को लेकर सोमवार को प्रचार थम गया। प्रचार रुकने के बाद पार्टी नेता व कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गए। उधर, चुनाव अधिकारियों ने भी मोर्चा संभाल लिया है।
4 of 6
- फोटो : अमर उजाला
हर पोलिंग स्टेशन पर दिव्यांगों के लिए व्हील चेयर की व्यवस्था की गई है। वहीं चार मॉडल पोलिंग स्टेशन भी बनाए गए हैं। इतना ही नहीं 23 अगस्त को बवाना इलाके में शराब की दुकानें बंद रखने का निर्देश दिया गया है। चुनाव आयोग के मुताबिक, बवाना उपचुनाव में कुल 379 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं।
विज्ञापन
5 of 6
- फोटो : अमर उजाला
आयोग ने साफ किया है मतदाता इस बात का खास ध्यान रखें की उन्हें मोबाइल फोन के साथ पोलिंग स्टेशन में प्रवेश नहीं मिलेगा। बवाना उपचुनाव में इस बार सभी पोलिंग स्टेशन पर वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) का इस्तेमाल किया जाएगा।
मतदाता ने किसको वोट डाला उसकी एक स्लिप निकलेगी। स्लिप देखकर मतदाता को पता चल जाएगा कि उसने जिसे वोट दिया उसे ही गया है कि नहीं। हालांकि उसे स्लिप घर ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।