वेलकम इलाके से ठेकेदार फईमउद्दीन को अगवा करने के बाद आरोपियों ने उसकी जमकर पिटाई की और बेहोश होने के बाद उसे हापुड़ के रामपुर गांव के जंगल में जिंदा दफन कर दिया।
इस बात का खुलासा हत्या के आरोप में पकड़े गए तीन आरोपियों ने किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गोकुलपुरी निवासी सफल व हापुड़ के रामपुर गांव निवासी उसका चचेरा भाई दीपक कुमार और हापुड़ निवासी विपिन के रूप में हुई है।
सफल और दीपक डासना जेल में बंद है। मुख्य आरोपी का ठेकेदार से रुपये की लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। इनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल आल्टो कार, ठेकेदार का आधार कार्ड, दीपक का पहचान पत्र, पर्स व ड्राइविंग लाइसेंस मिला है।
पुलिस उपायुक्त डॉ. एके सिंघला ने बताया कि फईमउद्दीन सपरिवार कबीर नगर में रहता था। वह मिट्टी भराव का ठेकेदार था। 29 जून को फईम के भाई ने वेलकम थाने में उसके अपहरण की शिकायत की।
कारोबार को लेकर करना चाहता था कोई एग्रीमेंट
शव
- फोटो : Demo Pic
पुलिस ने मामला दर्ज कर फईमउद्दीन की पत्नी से पूछताछ की। उसने बताया कि 28 जून की सुबह फईम के काम पर जाने के बाद गोकुलपुरी निवासी सफल उसके घर आया था।
वह कारोबार को लेकर कोई एग्रीमेंट करना चाहता था। सफल की फईम से फोन पर बात हुई। उसके बाद से फईम गायब हो गया। परिवार वालों ने सफल पर फईम को अगवा करने का आरोप लगाया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि 29 जून को पिलुखवा पुलिस ने सफल और उसके चचेरे भाई दीपक कुमार को शस्त्र अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक आल्टो कार भी मिला है।
दिल्ली पुलिस पिलुखवा थाना पहुंचकर कार की तलाशी ली तो डिग्गी के कारपेट और सीट कवर पर खून के धब्बे मिले। साथ ही पुलिस को एक अंगूठी और फईमउद्दीन का आधार कार्ड मिला।
परिजनों ने लगाया था एक आरोपी पर ठेकेदार को अगवा करने का आरोप
यूपी पुलिस
- फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
वेलकम थाना पुलिस ने अदालत से इजाजत लेकर डासना जेल में बंद दीपक से पूछताछ की। पूछताछ में दीपक ने गुनाह कबूल कर लिया। उसने बताया कि फईमउद्दीन को अगवा करने के बाद उसकी पिटाई की और बेहोशी की हालत में रामपुर के जंगल में उसे जिंदा दफन कर दिया।
वहां से लौटने के दौरान पिलुखवा थाना पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दीपक के निशानदेही पर वारदात में शामिल विपिन को गिरफ्तार कर उसके निशानदेही पर जंगल में जमीन के नीचे दबाए गए शव को बरामद कर लिया।
पुलिस को गड्ढे से दीपक का पहचान पत्र, पर्स व ड्राइविंग लाइसेंस मिला। पुलिस ने जेल में बंद सफल और दीपक को भी हत्या के इस मामले में गिरफ्तार कर लिया।