जीडीए के बाबुओं की मिलीभगत से बेचने की कोशिश के बाद चर्चा में आए उत्तराखंड के सीएम हरीश रावत के प्लॉट पर अवैध निर्माण भी किया गया है। ज्ञानखंड स्थित इस आवासीय प्लॉट पर स्वीकृत सीमा से अधिक बेसमेंट बनाया गया।
अवैध निर्माण की जानकारी मिलने पर जीडीए ने प्लॉट के निर्माण को डेढ़ माह पूर्व सील भी किया। एक माह पहले ही सीएम के स्थानीय प्रतिनिधि ने अवैध निर्माण की कंपाउंडिंग कराई है।
बाबुओं पर प्लॉट बेचने की कोशिश के मुकदमे केबाद सीएम हरीश रावत की इस प्रापर्टी से जुड़ी और कड़ियां खुल रहीं हैं। यहां बता दें कि नियम के मुताबिक किसी भी आवासीय प्लाट में बेसमेंट अधिकतम 20 फीसदी ही बनाया जा सकता है।
इसके विपरीत सीएम के निर्माणाधीन मकान पर 100 फीसदी बेसमेंट बनाया गया। दो माह पूर्व जीडीए ने निर्माण को सील किया था। जीडीए सूत्रों के मुताबिक बीते माह सीएम के स्थानीय प्रतिनिधि ने जीडीए से स्वीकृत सीमा तक अवैध निर्माण को कंपाउंड कराया है।
बाकी बने बेसमेंट को बंद कर देने का शपथपत्र भी जीडीए में दिया है। फिलहाल बीते 10 से दिन से मौके पर निर्माण रुका हुआ है।
जीडीए वीसी संतोष यादव के मुताबिक अवैध निर्माणों पर प्राधिकरण लगातार कार्रवाई कर रहा है। नियमानुसार कंपाउंडिंग सीमा तक हुए अवैध निर्माणों को निर्धारित फीस लेकर कंपाउंड किया जाता है। कंपाउंडिंग लिमिट से बाहर हुए अवैध निर्माणों पर नियमानुसार सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होती है।
जीडीए कर्मियों से आज होगी पूछताछ
पुलिस बुधवार को जीडीए कर्मियों से पूछताछ कर सकती है। मामला हाईप्रोफाइल होने की वजह से पुलिस मामले में बेहद एहतियात बरत रही है। पुलिस जांच कर फर्जीवाड़े में शामिल सभी लोगों को उजागर करने का प्रयास कर रही है। कई कर्मियों पर गाज गिर सकती है।