गाजियाबाद के मसूरी स्थित सिकरोड़ा गांव में खूंखार कुत्तों ने आठ साल के एक मासूम की जान ले ली। एलकेजी में पढ़ने वाला मासूम शोएब गांव के बाहर बन रहे एक मकान में काम कर रहे अपने पिता से मिलने जा रहा था।
इसी बीच करीब 10-15 खूंखार कुत्तों ने घेर लिया। पास ही क्रिकेट खेल रहे युवकों ने कुत्तों को भगाया, मगर तब तक कुत्ते मासूम के हाथ-पैर और गले से मांस नोंच चुके थे। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
सिकरोड़ा निवासी वसीयत बेलदारी का काम करता है। गांव से थोड़ी दूर बन रहे मकानों में ही आजकल वह काम कर रहा है। मंगलवार को वसीयत का 8 साल का बेटा शोएब अपने पिता से मिलने के लिए घर से निकला था।
गांव से करीब 50 मीटर दूरी पर ही जंगली कुत्तों के झुंड ने उसे घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे के मांस को नोंचना शुरू कर दिया।
कुछ ही दूरी पर क्रिकेट खेल रहे युवकों ने यह हाल देखा तो वह शोर मचाते हुए घटना स्थल की और दौडे़। युवकों को ईंट-पत्थर मारकर कुत्तों को खदेड़ा। हालांकि जब तक कुत्ते भागे तब तक मासूम शोएब की मौत हो चुकी थी।
सुबह करीब 11 बजे हुई इस घटना के बाद से ग्रामीण दहशत में हैं। वे अपने बच्चों को बाहर नहीं भेज रहे हैं।
भेड़िये तो नहीं थे
कुछ लोगों का कहना है कि शोएब कुत्तों का नहीं बल्कि भेड़ियों का शिकार बन गया। शोएब गांव के ही मदरसा तकवा कान्वेंट स्कूल में एलकेजी का छात्र था।
स्कूल में बुधवार को उसका एग्जाम होना था। मासूम की मौत के बाद स्कूल की भी बुधवार को छुट्टी घोषित कर दी गई है।