फर्जी पासपोर्ट मामले में अदालत ने गैंगस्टर छोटा राजन के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा व आपराधिक साजिश संबंधी धाराओं में बुधवार को आरोप तय कर दिए।
अदालत ने तीन पूर्व अधिकारियों के खिलाफ भी आरोप तय किए हैं। अदालत ने मामले की रोजाना सुनवाई करने का निर्देश दिया है।
पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज विनोद कुमार ने गैंगस्टर छोटा राजन व तीन पूर्व सरकारी अधिकारियों के खिलाफ बुधवार को आरोप तय कर दिए।
अदालत ने छोटा राजन व पासपोर्ट कार्यालय के सेवानिवृत्त जयश्री दत्तात्रेय रहाते, दीपक नटवरलाल शाह व ललिता लक्ष्मणन के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा व आपराधिक साजिश तथा पासपोर्ट एक्ट के तहत आरोप तय किए हैं।
अदालत ने पूर्व तीन सरकारी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत भी आरोप तय किए हैं। अदालत ने 11 जुलाई से केस की सुनवाई प्रतिदिन करने का निर्देश दिया है।
तिहाड़ जेल में बंद छोटा राजन को मामले की सुनवाई के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट के समक्ष पेश किया। छोटा राजन ने आरोपों से इंकार करते हुए मुकदमा लड़ने की बात कही।
अदालत ने कहा कि इस मामले में आरोपी छोटा राजन काफी समय से जेल में है। लिहाजा मामले की प्रतिदिन सुनवाई करके इसका शीघ्र निबटारा किया जाए।
सीबीआई का आरोप है कि छोटा राजन पर हत्या व रंगदारी जैसे कई मामले थे और उसके खिलाफ 1995 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसलिए उसने विदेश भागने के लिए फर्जी पहचान का इस्तेमाल किया।
राजन से बरामद दस्तावेजों में उसने मोहन कुमार के नाम का इस्तेमाल किया है। एजेंसी ने कहा कि चुनाव आयोग ने भी किसी मोहन कुमार को कोई वोटर आईकार्ड दिए गए पते पर जारी करने की बात से इंकार किया है। उसके नाम से कोई राशन कार्ड भी जारी नहीं किया गया है।