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RECALL: निर्भया से भी भयानक है इस गैंगरेप की सच्चाई

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दिल्ली में हुई यह घटना कितनी भयानक थी इसका अंदाजा आप इस बात से ही लगा सकते हैं कि इस क्रूरतम और शर्मनाक घटना पर फैसला देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि आरोपियों का बर्ताव किसी हत्यारे भेड़िए की तरह था। ये सभी यौन मनोरोगी हैं जिन्होंने 17 साल की एक लड़की का सरेआम अपहरण किया, उसके साथ गैंगरेप किया और उसकी हत्या कर दी।
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इस मामले का खुलास लड़की की लाश के पास से पाए गए दो एटीएम और पैन कार्ड से हुआ जो राहुल का था। घटना वाले दिन राहुल ही कार चला रहा था।

अदालत ने कहा कि दोषियों ने अनामिका (काल्पनिक नाम) से दुष्कर्म ही नहीं किया बल्कि हत्या से पहले उसके संवेदनशील अंग को भी जला दिया। साक्ष्यों से स्पष्ट है कि शारीरिक पीड़ा और चोटों के निशान से ही उसकी मौत हुई थी। अदालत ने कहा कि इस मामले में दोषियों ने क्रूरता की चरम सीमा को पार किया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार 9 फरवरी 2012 को 19 वर्षीय अनामिका अपनी तीन सहेलियों के साथ अपने ऑफिस से वापस लौट रही थी। रात करीब 8.35 बजे तीनों आरोपियों ने कुतुब विहार से जबरन अपहरण किया और कार से रेवाड़ी, हरियाणा ले गए।
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कोर्ट ने कहा कि भारत में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध के कारण ही कानून में संशोधन करना पड़ा। 16 दिसंबर की घटना के बाद हुए बदलाव के तहत दुष्कर्म और हत्या के मामलों में मृत्युदंड की सजा मिल सकती है। यह भी ऐसा ही एक मामला है जिसमें मृत्युदंड जरूरी है।
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दोस्ती न करने की मिली इतनी भयानक सजा

घटना के तीन दिन बाद युवती का शव बरामद हुआ। अभियोजन पक्ष के अनुसार युवती के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट के कई निशान थे। इसके अलावा उन्होंने गैंगरेप के दौरान सभी मानवीय सीमाएं पार कर दीं। उन्होंने लोहे की रॉड से हमला करने के अलावा उस पर तेजाब भी डाल दिया था।

अनामिका का दोष बस इतना था कि उसने रवि के दोस्ती के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। बस इतनी सी बात से बौखलाए रवि ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर लड़की से बदला लेने की योजना बनाई।

अदालत ने कहा कि 9 फरवरी को अनामिका अपनी सहेलियों के साथ घर लौट रही थी। अचानक उनके पास कार आकर रुकी और उसमें बैठे युवकों ने उसे कार में खींच लिया। युवती के साथ जा रही उसकी सहेली कार का नंबर भी नोट नहीं कर पाई। बस इतना पता लगा कि लाल रंग की इंडिका थी।

दोष साबित करने के लिए पुलिस ने इस मामले में 49 गवाह पेश किए। निचली अदालत में हुई सुनवाई के बाद अब हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि निचली अदालत ने दोषियों रवि कुमार (23) राहुल (27) और विनोद (23) को सभी साक्ष्यों के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 376 (2) (जी) व 302 के तहत अपहरण, गैंगरेप व हत्या के आरोप में मृत्युदंड की सजा दी है और उनकी नजर में यह एक उचित फैसला है।
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