क्लिक के नाम पर फर्जीवाड़े में सात लाख लोगों से 3700 करोड़ रुपये की ठगी करने वाली अनुभव मित्तल की एबलेज इन्फो सोल्यूशन कंपनी के खिलाफ सोमवार को जिला न्यायालय में चार्जशीट दाखिल होगी। शनिवार को एसटीएफ और केस के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) के अधिकारी चार्जशीट को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।
एसआईटी ने एबलेज कंपनी के खिलाफ लगभग 300 पेज की चार्जशीट तैयार की है। चार्जशीट के साथ हजारों की संख्या में केस से संबंधित दस्तावेज भी हैं, जो बड़े-बड़े बॉक्स में भरकर कोर्ट में पेश किए जाएंगे। शनिवार को चार्जशीट को अंतिम रूप देने के लिए एसआईटी के प्रमुख डीआईजी मेरठ रेंज एस एमैनुअल भी एसटीएफ के सूरजपुर स्थित कार्यालय पहुंचे। इसके अलावा लखनऊ से एसटीएफ ने अपने विशेष सरकारी वकील (एसपीओ) को भी बुलाया है।
मालूम हो कि एसटीएफ ने सेक्टर-63 में चल रही एबलेज इन्फो सोल्यूशन कंपनी पर 1 फरवरी 2017 को छापा मारकर मालिक अनुभव मित्तल, सीईओ श्रीधर और तकनीकी प्रमुख महेश दयाल को गिरफ्तार किया था। इन पर कंपनी के वेब पोर्टल सोशल ट्रेड डॉट बिज पर लोगों से सदस्यता शुल्क लेकर जोड़ने और फिर उनसे ऑनलाइन फर्जी विज्ञापन लिंक लाइन कराने का आरोप है।
मामले में एसटीएफ ने राजनगर गाजियाबाद स्थित यस बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर अतुल मिश्रा को भी कुछ दिन बाद गिरफ्तार किया था। वह अनुभव मित्तल को काले धन को ठिकाने लगाने का रास्ता बताता था। साथ ही, एसटीएफ द्वारा की जा रही एबलेज कंपनी की जांच की जानकारी अनुभव मित्तल को दे रहा था। फिलहाल, सभी आरोपी जेल में बंद हैं। एसटीएफ पूरे फर्जीवाड़े में अब तक 652 करोड़ रुपये जब्त कर चुकी है।
एसटीएफ ने इस केस में अनुभव मित्तल के पिता सुनील मित्तल और पत्नी आयुषी अग्रवाल को भी आरोपी बनाया था। सुनील एबलेज कंपनी के पूर्व निदेशक हैं, जबकि आयुषी वर्तमान में सुनील की जगह कंपनी की निदेशक थी। एसटीएफ ने सुनील को 7 अप्रैल को गाजियाबाद के नवयुग मार्केट से गिरफ्तार किया था। एसटीएफ को अनुभव की पत्नी आयुषी की भी तलाश थी। बताया जा रहा है कि केस में गिरफ्तारी से बचने के लिए आयुषी ने मार्च-2017 के अंत में इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था।
एसटीएफ के एसपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि कोर्ट से अनुमति लेकर अनुभव मित्तल और बैंक अधिकारी अतुल मिश्रा की आवाज के नमूने लिए जाएंगे। नमूनों का मिलान इनके मोबाइल की कॉल रिकॉर्डिंग से कराया जाएगा। इसके लिए आवाज के नमूनों और कॉल रिकॉर्डिंग को फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा जाएगा।
एबलेज कंपनी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और भारत सरकार के कॉरपोरेट मंत्रालय की सीरियस फ्रॉड इनवेस्टिगेशन यूनिट (एसएफआईयू) भी जांच कर रही है। ईडी ने भी एबलेज कंपनी के खिलाफ अलग से एफआईआर दर्ज की है। ईडी की एफआईआर में लखनऊ स्थित विशेष न्यायालय में सुनवाई होगी। अभी इन दोनों एजेंसियों ने चार्जशीट तैयार नहीं की है।