बुलंदशहर सिटी के भूड़ चौराहा स्थित बीएसएनएल के एक्सचेंज में सीबीआई ने छापेमारी की। सीबीआई सूत्रों का कहना है कि बीएसएनएल के डीजीएम आरएस वर्मा को 10 हज़ार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है।
एक ठेकेदार से भुगतान कराने के नाम पर दस हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई एंटी करप्शन टीम ने बीएसएनएल के डीजीएम आरएस वर्मा को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
इस दौरान सीबीआई टीम को बीएसएनएल के ही कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने बंधक भी बना लिया। टीम के बंधक बनने की सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। जरा ही देर में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और बंधक बनी टीम को मुक्त कराया। खबर लिखे जाने तक सीबीआई टीम अपनी लिखा-पढ़ी में लगी थी।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार ठेकेदार से डीजीएम और एक अन्य अधिकारी ने कुल मिलाकर करीब साठ हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। ठेकेदार की शिकायत पर टीम बीएसएनएल एक्सचेंज पहुंची। उस समय तक दूसरा अधिकारी वहां से जा चुका था।
डीजीएम आरएस वर्मा को ठेकेदार ने जैसे ही दस हजार रुपये दिए, वैसे ही टीम ने उसे दबोच लिया। इसके बाद टीम ने डीजीएम दफ्तर के कागजात खंगालने शुरू कर दिए।
सीबीआई की इस कार्रवाई के विरोध में बीएसएनएल कर्मचारियों ने हंगामा करते हुए सीबीआई टीम को एक कमरे में बंद कर दिया। इस पर स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस बल मौकेपर पहुंचा और बंधक बनी टीम को मुक्त कराया। इस दौरान करीब एक घंटे तक सीबीआई टीम बंधक बनी रही। खबर लिखे जाने तक एक्सचेंज में सीबीआई की कार्रवाई जारी थी।
उधर बीएसएनएल एक्सचेंज में सीबीआई के छापे से डीएम और एसएसपी अंजान थे। बीएसएनएल के एजीएम मोहम्मद इदरीश से जब फोन पर मामले की जानकारी जानने का प्रयास किया तो उन्होंने भी छापे से अनभिज्ञता जताई।
पुलिस का कहना है कि टीम ग़ाज़ियाबाद से आई है। सीबीआई टीम तीन गाडिय़ों में आई है, जिसमें 10 से 12 लोग है। एक गाड़ी का नंबर दिल्ली (DL1ZA7245), दूसरी का नंबर पंजाब (PB65AH4762) और तीसरी गाड़ी नंबर का यूपी का (UP14CT3337) है।
मामला नोटबंदी से जुड़ा बताया जा रहा है। मामले में सीबीआई का कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।