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मौत के तीन माह बाद दर्ज हुआ दहेज हत्या का केस

Sat, 15 Jul 2017 09:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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- फोटो : demo pic
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फांसी लगाकर जान देने वाली विवाहिता के परिजनों ने वारदात के तीन माह बाद दामाद और ससुरालियों के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कराया। दरअसल, ससुराल वाले मृतका के बच्चों को उसके नाना-नानी से मिलने नहीं दे रहे थे। बेटी को खोने के बाद दामाद के अभद्र व्यवहार से तंग आकर मायके वालों ने यह कदम उठाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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सूर्या विहार पार्ट 2 निवासी नंद किशोर जोशी ने बेटी सुनीता उर्फ सोनिया का विवाह अक्टूबर 2011 में वीरू उप्पल से किया था। सुनीता की मां भावना जोशी का आरोप है कि विवाह के बाद से ही दामाद वीरू और अन्य ससुरालियों ने बेटी को दहेज के लिए तंग करना शुरू कर दिया।

इस दौरान सुनीता ने एक बेटे और एक बेटी को जन्म दिया। जनवरी 2015 में वीरू ने सुनीता को दहेज न लाने पर घर से निकाल दिया। पंचायत के बाद ससुराल वाले सुनीता को वापस ले गए और उसे परेशान नहीं करने का लिखित समझौता किया।
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8 मई 2017 को सुनीता के भाई की शादी होनी थी। 17 अप्रैल को भावना ने बेटी को फोन कर शादी की तैयारियों के लिए मायके बुलाया। आरोप है कि सुबह तो सुनीता ने बात की इसके बाद उसका फोन उठना बंद हो गया।

इस पर वह बेटी के ससुराल पहुंचीं। वहां पाया कि सुनीता का शव उसके कमरे में साड़ी के फंदे के सहारे पंखे से लटक रहा था। भावना के मुताबिक, तब दामाद आदि ने उन्हें बहला फुसला कर कानूनी कार्रवाई करने से रोक दिया था।

उन्होंने नाती-नतिनी की वजह से रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई और पोस्टमार्टम के बाद बेटी के शव का अंतिम संस्कार करा दिया। आरोप है कि अब दामाद वीरू सहित अन्य ससुराली नाती-नतिनी से मिलने नहीं दे रहे।

घर जाने पर बेइज्जत कर भगा देते हैं। विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। एसएचओ सराय ख्वाजा इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने बताया कि केस दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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