इंतकाल चढ़ाने में लापरवाही बरतने वाले पटवारियों और शिकायतकर्ता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। 22 मार्च को जिला राजस्व अधिकारी राजेंद्र फागना ने दोनों पटवारियों कपिल और विशंभर तथा शिकायतकर्ता राजकिशोर को बुलाकर उनके बयान दर्ज कराए।
शिकायतकर्ता ने बयान दर्ज कराते समय एक पटवारी पर बदसलूकी करने का भी आरोप लगाया। इस पूरे मामले की जांच कर डीआरओ को एक महीने में रिपोर्ट जिला उपायुक्त को सौंपनी हैं।
बता दें कि 14 मार्च को हुई ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में शाहजहांपुर खादर निवासी राजकिशोर ने सहकारिता राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर के सामने मुद्दा उठाया था कि उन्हें अपनी पुश्तैनी जमीन का इंतकाल दर्ज कराने के लिए पटवारियों के चक्कर काटने पड़े।
यही नहीं इंतकाल दर्ज कराने में ढाई साल का वक्त गुजर गया। कोर्ट का आदेश होने के बाद भी पटवारी इंतकाल दर्ज करने से बचते रहे। वसूली के चक्कर में तबादला होते ही पटवारी कपिल ने इंतकाल रजिस्टर से कागजात तक फाड़ दिया। दूसरे पटवारी विशंभर भी कई महीनों तक टरकाता रहा।
इस बात को सुनकर सहकारिता राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए डीआरओ समेत अन्य अधिकारियों से पूछा कि इंतकाल दर्ज कराने में ढाई साल कैसे लग गए। मामले की जांच की जाए और लापरवाही बरतने वाले पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके लिए डीआरओ और एसडीएम बल्लभगढ़ को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
बदसलूकी का आरोप
शिकायतकर्ता राज किशोर ने कहा कि वह 22 मार्च को डीआरओ ऑफिस में अपना बयान दर्ज कराने आए थे। वहां पटवारी कपिल और विशंभर भी मौजूद थे। उनका भी बयान होना था। आरोप है कि सीएम विंडो पर शिकायत करने और मंत्री के दरबार में मुद्दा उठाने के कारण उससे बदसलूकी की। इस बाबत पटवारी विशंभर से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनका फोन नहीं उठा।