कविनगर पुलिस ने सोमवार को डॉक्टर अमित भारद्वाज को गिरफ्तार किया है। डॉक्टर ने एक महिला को कैंसर बताकर उसका गलत इलाज किया, जिससे वह और बीमार हो गई।
इस बाबत महिला के परिजनों ने 2013 में विजयनगर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाकर इसकी शिकायत एसएसपी से की गई थी।
एसएसपी ने मामले की जांच कविनगर पुलिस को सौंपी थी। दिल्ली के कृष्णा नगर निवासी मुकेश शर्मा उद्यमी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी शीला देवी (40) के सीने में गांठें थीं।
2012 में दिल्ली स्थित निजी अस्पताल में कार्यरत डाक्टर अमित भारद्वाज ने उनकी पत्नी का इलाज शुरू किया था। डॉक्टर ने विभिन्न टेस्ट कराने के बाद बताया कि उनकी पत्नी को कैंसर है।
इस बीच आरोपी डाक्टर ने दिल्ली अस्पताल से नौकरी छोड़ दी और प्रताप विहार में एक अन्य अस्पताल ज्वाइन कर लिया। इसके बाद डॉक्टर उनकी पत्नी का यहीं इलाज करने लगे। पत्नी की दो बार कीमोथेरेपी की गई।
मुकेश शर्मा का आरोप है कि शुरुआत से ही डॉक्टर ने बीमारी से संबंधित पूरी रिपोर्ट उन्हें नहीं दिखाई थी। इलाज के दौरान न सिर्फ उनके लाखों रुपये खर्च हुए, बल्कि लगातार गलत इलाज से पत्नी के सिर के बाल गायब हो गए।
वह मानसिक रूप से कमजोर भी हो गईं। उन्होंने अन्य डॉक्टरों को पत्नी के इलाज की रिपोर्ट आदि दिखाईं तो पता चला कि इलाज ही गलत किया जा रहा था।
पत्नी को कैंसर था ही नहीं, उनके हार्मोन्स की गांठें बन गई थीं। तब उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विजयनगर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही थी तो उन्होंने जांच बदलने की मांग की थी।
एसएचओ कविनगर अवनीश गौतम ने बताया कि कप्तान के आदेश पर मामले की जांच थाना पुलिस को सौंपी गई थी। पुलिस ने लालकुआं के पास से इंदिरापुरम के नीति खंड निवासी डॉक्टर अमित भारद्वाज को गिरफ्तार किया है।
मैं बेकुसूर सही इलाज किया: डॉक्टर
महिला को कैंसर था, जिसकी तमाम रिपोर्ट्स मेरे पास हैं। महिला का सही इलाज किया गया, जिससे वह ठीक है। महिला के परिजन मुझसे तीन लाख रुपये की मांग कर कर रहे थे। न देने पर झूठे आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। - डॉक्टर अमित भारद्वाज, एमडी