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गैंगरेप के बाद भी सोती दिखी पुलिस, 100 नंबर से जवाब न मिलने पर पुलिसकर्मी सस्पेंड

Tue, 02 Aug 2016 08:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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घटनास्थल पर पुलिस और मीडिया - फोटो : अमर उजाला
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हाईवे पर मां-बेटी से दरिंदगी के बाद भी पुलिस सतर्क नहीं हुई है। सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे ही है। रविवार रात को पेट्रोलिंग करने के बजाए पुलिसकर्मी हाईवे स्थित ठंडी प्याऊ चौकी पर सोते दिखे। 
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उधर, इस घटना से सहमे लोगों में कुछ इस कदर दहशतजदा हैं कि रात में हाईवे पर जाने से भी डर रहे हैं। उधर, कांवड़ यात्रा को लेकर भी एसएसपी ने सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद होने का दावा किया था लेकिन यह दावा भी झूठा साबित हुआ। 

कांवड़ यात्रा के मद्देनजर अगर पुलिस मुस्तैद होती तो अपराधी इतनी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दे पाते। इतना ही नहीं शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे कैमरे भी खराब पड़े हैं। इनमें भूड़ चौराहा, काले आम आदि शामिल हैं।
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पुलिसकर्मियों पर जारी है गाज गिरने का सिलसिला

बुलंदशहर गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
हाईवे पर गैंगरेप मामले में पुलिसकर्मियों और अफसरों पर गाज गिरने का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। वारदात के बाद 100 नंबर से रिस्पांस न मिलने पर डीआईजी ने कंट्रोल रूम प्रभारी और एक कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है। 

वहीं, कुछ और पुलिसकर्मियों पर तलवार लटकी हुई है। बता दें कि दरिंदगी और लूटपाट के बाद बदमाश पैदल ही भागे थे। बाद में पीड़ित परिवार ने मोबाइल से 100 नंबर पर पुलिस को सूचना देने की कोशिश की लेकिन चार बार फोन करने पर भी कंट्रोल रूम से कोई रिस्पांस नहीं मिला।

इसके बाद पीड़ितों ने नोएडा में बैठे परिचित को जानकारी दी। परिचित ने नोएडा पुलिस को 100 नंबर पर सूचना दी, जिसके बाद नोएडा पुलिस ने बुलंदशहर पुलिस को सूचना दी। तब जाकर पुलिस घटना स्थल पर पहुंची। 

डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि इस लापरवाही के चलते कंट्रोल रूम प्रभारी अनिल कुमार मिश्रा और कांस्टेबल नवीन चौधरी को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही कमिश्नर को पत्र लिखकर बताया गया है कि वह कनेक्टिविटी को सुधारने में बीएसएनल के अधिकारियों को पत्र लिखें, जिससे 100 नंबर मिलने में दिक्कतें न हो।
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