हाईवे पर मां-बेटी के गैंगरेप की वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को जेल भेजकर पुलिस भले ही अपनी पीठ थपथपा रही है लेकिन गिरोह के सरगना और अन्य दरिंदे अभी तक पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
गिरोह के सरगना और अन्य बदमाशों को पकड़ने मुरादाबाद और राजस्थान-हरियाणा गईं पुलिस की टीमें बैरंग लौट आईं हैं। शुक्रवार रात नोएडा से जनपद शाहजहांपुर गमी में जा रहे परिवार की एक महिला और उसकी बेटी को हाईवे पर बंधक बनाकर गैंगरेप की वारदात हुई थी।
मुख्यमंत्री और अधिकारियों के दबाव में आकर पुलिस ने आनन-फानन में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस के मुताबिक, गैंग का सरगना और अन्य आरोपी फरार हैं। फरार आरोपियों को पकड़ने में आईजी की टीम, एसटीएफ, एसओजी गाजियाबाद, एसओजी नोएडा और तीन बुलंदशहर की टीमें लगी हुई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों को पकड़ने के लिए हरियाणा-राजस्थान और मुरादाबाद समेत कई जिलों में टीमें गई थीं लेकिन उन्हें कामयाबी हाथ नहीं लगी है। पुलिस की टीमें बैरंग लौट आई हैं।
मौका-ए-वारदात पर पहुंचे नवागत अफसर
बुलंदशहर गैंगरेप
- फोटो : अमर उजाला
मां-बेटी से गैंगरेप के मामले में कप्तान से लेकर थानेदार तक सस्पेंड होने के बाद मंगवार को आए नए नौकरशाहों ने गैंगरेप की सच्चाई जानी। एसएसपी और एसपी सिटी ने मौका-ए-वारदात का मुआयना किया।
अफसरों ने अपने अधिनस्थों से वारदात के बारे में जानकारी जुटाई। उन्होंने जाना कि वारदात को कब-कैसे और किस तरीके से अंजाम दिया गया। मंगलवार सुबह एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने चार्ज संभालने के बाद मौका-ए-वारदात का मुआयना किया।
उन्होंने अपने अधिनस्थों से वारदात के बारे में जानकारी की। दोपहर बाद नवागत एसएसपी अनीस अहमद अंसारी ने चार्ज संभाला और पुलिस लाइन में पत्रकारों से मुखातिब हुए।
एसएसपी ने कहा कि मां-बेटी के साथ घटना गंभीर है। इसे पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है। तीन आरोपियों को पकड़कर जेल भेज दिया है। फरार चल रहे उनके साथियों की तलाश की जा रही है।