आईजी ने बताया कि बुलंदशहर हाईवे पर हैवानियत का मामला देश में चर्चित हो जाने की खबर आरोपियों को लग गई थी और उन्होंने इस संबंध में आपस में बातचीत भी की थी।
आरोपी किसी भी तरह पुलिस की गिरफ्त में न आने की जुगत में लगे थे। साथ ही, मुखबिरी करने वाले की हत्या की भी बात कर रहे थे।
आरोपियों को इस बात की भनक लग गई थी कि अगर वह पकड़े गए तो उनकी जमानत होना भी मुश्किल है। गैंग लीडर सलीम बावरिया ने अन्य आरोपियों से कहा था, ‘दाढ़ी बना लो। किसी ने हमारी मुखबिरी की है। हम उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे।’
जगह बदल-बदलकर पुलिस को दे रहे थे चकमा
बुलंदशहर गैंगरेप
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद से आरोपी स्थान बदल-बदलकर पुलिस को चकमा दे रहे थे।
ऐसे पहुंचे और ऐसे काटी फरारी
किठोर में रुकने के बाद गिरोह वारदात के दिन शाम पांच बजे बुलंदशहर के लिए रवाना हुआ। कई किमी पैदल चलकर बदमाश बस से 34 रुपये की टिकट लेकर हापुड़ पहुंचे और वहां से भूड़ चौराहे पर।
यहां शराब खरीदने के बाद आरोपियों ने इसका सेवन किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी 2 अगस्त को झारखंड, 6 अगस्त को फिर किठोर, 7 अगस्त को मवाना पहुंचे। यहां से बिजनौर जाने के दौरान इन्हें दबोच लिया गया।