बिल्डर, पूर्व कांग्रेसी नेता और लोकदल के पूर्व महानगर अध्यक्ष हरिमोहन कौशिक पर कातिलाना हमला करने वाले पुलिस पकड़ से दूर हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कई सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं।
रंजिशन वारदात का अंदेशा है। कयास है कि सुपारी देकर शूटरों से वारदात कराई गई है। बिल्डर को कुछ दिन पहले मोबाइल पर धमकी भरी कॉल्स आई थीं।
ऐसी दो कॉल्स का पुलिस को पता चला है, इनमें एक कॉल गुड़गांव से बताई जा रही है। शुक्रवार को उनके बेटे संकेत की तरफ से कविनगर थाने में अज्ञात तीन हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई गई है।
पुलिस सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच में जुटी है। बिल्डर के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। साथ ही उस दौरान शास्त्रीनगर में जिन लोगों की मोबाइल लोकेशन आ रही है, उनकी भी छानबीन की जा रही है। मौके से मिली गोली नई है।
पुलिस का मानना है कि गोली हाल ही में खरीदी गई होगी। पुलिस लाइसेंसी असलहे से भी फायरिंग से इनकार नहीं कर रही है। एसएसपी ने बताया कि पुलिस टीमें जांच जुटी हंै।
बता दें कि, बृहस्पतिवार देर शाम करीब 7:10 बजे शास्त्रीनगर ए-ब्लाक में बिल्डर की कोठी के गेट पर ही उन पर गोलियां बरसाई गई थीं।
उनका बेटा, पत्नी और डॉगी हमलावरों के पीछे भागे थे। बाइक सवार तीन हमलावरों ने वारदात की थी। घायल हालत में बिल्डर को सर्वोदय से नोएडा फोर्टिस रेफर किया गया था।