‘ठेकेदार पर चार ब्लॉक (लगभग दो सौ गांव) में प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत ऑप्टिकल फाइबर डालने के काम का ठेका था। 31 दिसंबर की अंतिम तिथि होने के बावजूद काम लटका था।
इसके चलते उसेे हटाने की चेतावनी दी गई थी। ठेकेदार ने सोमवार को कार्यालय पहुंचकर मुझे भी रुपयेे देने की पेशकश की थी, लेेकिन उसे फटकार लगाकर भगा दिया था।’ यह जानकारी बुलंदशहर बीएसएनएल के जीएम आरवी वर्मा ने डीजीएम की रिश्वतखोरी में गिरफ्तारी के बाद दी है।
ग्रेटर नोएडा के सिग्मा सेक्टर स्थित बीएसएनएल सोसायटी निवासी जीएम आरवी वर्मा ने बताया कि गाजियाबाद के एक ठेकेदार को डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत काम का ठेका दिया गया था। बुलंदशहर निवासी एक अन्य ठेकेदार भी इसी कार्यक्रम के अंतर्गत काम कर रहा है।