प्रारंभिक पूछताछ में काका ने पुलिस को बताया कि वह अपराध की दुनिया में नाम कमाना चाहता था। इसके अलावा अपनी प्रेमिका को भी सारे ऐशो आराम देना चाहता था।
इसके लिए उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। उसकी प्रेमिका को भी घूमने फिरने का शौक है। वह भी उसे घूमने के लिए पैसे लाने के लिए लूट की वारदात करने के लिए उकसाती थी।
पुलिस इनसे बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र व गत्ता फैक्ट्री में लूट की रकम बरामद करने के लिए रिमांड पर लेगी।
25 होटल खंगाले तब मिला सुराग
क्राइम ब्रांच सेक्टर-48 प्रभारी निरीक्षक विमल कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि काका और उसकी प्रेमिका मथुरा के एक होटल में छिपे हुए हैं।
इस पर उनकी टीम में शामिल एएसआई अश्वनी, एएसआई नरेश व एएसआई जगबीर ने मथुरा के होटलों को चेक करना शुरू किया। करीब 25-30 होटलों का रिकार्ड चेक करने के बाद एक होटल के रजिस्ट्रर में आकाश के नाम से एंट्री थी।
होटल संचालक के पास मौजूद उसके पहचान पत्र की कॉपी चेक की गई तो आधार कार्ड पर आकाश का फोटो लगा हुआ था। पुलिस ने उसके कमरे में जाकर रेड की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि कुछ समय पहले काका को उसके चाचा ने किसी बात पर पीट दिया था। उसके बाद से काका अपने चाचा की हत्या करने की फिराक में घूम रहा था।
हाल ही में वह अपने चाचा की हत्या करने के लिए शेरगढ़, उत्तर प्रदेश से 30 हजार रुपये में एक पिस्तौल भी खरीदकर लाया था। मगर वह उससे पहले ही पकड़ा गया।
एक और फैक्ट्री में लूट की थी तैयारी
पूछताछ के दौरान काका ने पुलिस को बताया कि दोनों वारदातों के पैसे खत्म हो रहे थे। ऐसे में जस्सी और काका ने गत्ता फैक्ट्री के पास ही एक और फैक्ट्री की रेकी कर रखी थी और जल्द ही वहां वारदात करने वाले थे।
इन दोनों वारदातों में भी उन्होंने पहले रेकी की थी। वारदात के बाद जस्सी, आकाश और उसकी प्रेमिका मथुरा, आगरा, जयपुर, बरेली आदि शहरों में घूमने निकल जाते थे।