पुलिस सूत्रों का कहना है कि अभी तक की छानबीन में जो बातें छनकर आ रही हैं, उनके मुताबिक मुनीम से लूट की स्क्रिप्ट करीब एक हफ्ते पहले लिखी गई थी। बाइक सवार बदमाश अलग-अलग रास्तों पर मुनीम की रेकी कर रहे थे।
कुछ लोगों ने कई संदिग्ध बाइक सवारों को वहां घूमते हुए देखा था। घी-तेल व्यापारी के घर से कुछ दूरी पर एक राजनीतिक पार्टी के नेता के घर से पुलिस को सीसी टीवी की फुटेज मिली है(
जिसमें बाइक सवार बदमाश मुनीम का पीछा करते हुए नजर आ रहे हैं। एक बदमाश हेलमेट लगाए हैं, जबकि दूसरा गमछे से मुंह ढके हैं। बाइक का नंबर नजर नहीं आ रहा है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, छानबीन में जिस बाइक का शुरुआती नंबर 25 बताया जा रहा था, वह नगर कोतवाली क्षेत्र की ही निकली है। जिस व्यक्ति की बाइक है, वह उसे बेच चुका है। अब बाइक किसी और व्यक्ति के पास है।
पुलिस जांच कर रही है। पुलिस को अंदेशा हैं कि मुनीम की मुखबिरी करने वाले लुटेरों से फोन पर बात जरूर की होगी। उस फोन कॉल से क्लू मिल सकता है। अभी तक पुलिस 20 हजार से ज्यादा फोन कॉल खंगाल चुकी है।
कारोबारी ने दिए सात लाख
घी-तेल व्यापारी संजय गोयल ने बताया कि उन्होंने पीड़ित परिवार की लाख रुपये से आर्थिक मदद की है। इसके अलावा व्यापारी प्रशासन से भी मुनीम के परिवार की आर्थिक मदद करने की बात कह रहे है।
‘पुलिस चाहती तो बच सकती थी जान’
संदीप के परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस सतर्क होती, अपनी ड्यूटी जिम्मेदारी से निभाती तो संदीप को बचाया जा सकता था।
छुट्टी कर लेते संदीप तो नहीं होती वारदात
संदीप के परिजनों ने बताया कि निजी काम के चलते संदीप सोमवार को दुकान से छुट्टी लेने की बात कह रहे थे, लेकिन दुकान पर जरूरी काम होने की बात कहकर वे चले गए थे। उन्होंने छुट्टी नहीं की थी।