बिसाहड़ा गांव में गोकशी मामले में जान मोहम्मद व अन्य नामजदों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर महिलाओं का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। सोमवार को दो महिलाओं-ममता और अनीता की हालत अधिक बिगड़ गई।
इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम महिलाओं की सुध लेने नहीं पहुंची। इससे ग्रामीणों में रोष है।इधर, सीओ राकेश कुमार सिंह ने कहा कि आमरण अनशन पर बैठीं महिलाओं की हालत बिगड़ने की उनके पास कोई सूचना नहीं है।
चिकित्सकों की टीम वहां भेेजी जा रही है, जो महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। एसओ से भी गांव जाकर बात करने के लिए कहा गया है। बिसाहड़ा स्थित प्राचीन शिव मंदिर पर साध्वी हर सिद्धि गिरी के नेतृत्व में आंदोलन कर रहीं महिलाएं आमरण अनशन पर बैठी हैं।
सोमवार को दो महिलाओं के स्वास्थ्य बिगड़ने के बावजूद महिलाएं अपनी मांग पर अडिग हैं। उनका कहना है कि जब तक नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक वह अनशन पर बैठी रहेंगी।
वहीं, ग्रामीणों ने कहा कि आमरण अनशन के तीसरे दिन भी पुलिस-प्रशासन ने अनशन पर बैठी महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराने की जहमत नहीं उठाई। अगर कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी।
प्रशासन व सरकार को लिखे पत्र
स्थानीय पुलिस-प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई न किए जाने के कारण ग्रामीणों ने पीएम, सीएम, गृहमंत्री, एसपी, डीएम आदि को पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी दी है।
उन्होंने रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद गोकशी में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में आमरण अनशन की जानकारी देकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।