गांव बिसाहड़ा में गोकशी के मामले में आरोपी जान मोहम्मद व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठी साध्वी हर सिद्धी गिरी समेत सात महिलाओं की हालत बिगड़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की। महिलाओं का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम महज खानापूर्ति कर चली गई।
इधर, गांव में घूमकर महिलाओं और पुरुषों से आमरण अनशन में सहयोग के लिए अपील की गई। इसके बाद ग्रामीण भी टेंट लगाकर मंदिर पर आमरण अनशन पर बैठ गए।
महिलाओं की संख्या भी बढ़ती जा रही है। भीड़ को देखते हुए मंदिर के पास पुलिस बल तैनात कर दिया गया है । साध्वी हर सिद्धी गिरी ने बताया कि नवरात्र के दिनों में दुर्गा मां की पूजा अर्चना करने वाली मातृ शक्ति की तपस्या बेकार नहीं जाएगी।
अगर मातृ शक्ति को समय रहते न्याय नहीं मिला तो पुलिस-प्रशासन किसी भी अनहोनी का खुद जिम्मेदार होगा। अनशन पर बैठी सुनहरी, निर्मला, साध्वी हर सिद्धी गिरी, शारदा, लीलावती, ममता, अनिता की हालत बिगड़ रही है।
अनशन के दौरान ग्राम प्रधान के पति हरीओम, पूर्व प्रधान भाग सिंह, संजय राणा, ओम, महेश, सूरजपाल सिंह, राकेश, प्रेम सिंह, ओमप्रकाश, मंगीसिंह, वीरपाल, राजपाल मौजूद रहे।
हरीओम ने बताया कि गांव में सुबह शाम घूमकर सभी ग्रामीणों से महिलाओं के अनशन में सहयोग करने की अपील की जा रही है। इधर, बिसाहडा कांड के बाद से जेल में बंद युवाओं ने पत्र भेजकर अनशन पर बैठी महिलाओं का सहयोग करने की अपील की है।