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फ्लाईओवर पर बाइक सवार की गर्दन में लिपट गया मांझा, हादसे में युवक की मौत

Sat, 09 Jul 2016 12:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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मृतक योगेश - फोटो : अमर उजाला
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ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर पर शुक्रवार शाम करीब छह बजे चाइनीज मांझे ने बाइक सवार किसान की जान ले ली। मृतक की जेब से पहचान पत्र मिला, जिससे उनकी पहचान योगेश शर्मा पुत्र खेमचंद शर्मा, निवासी आजाद मंडी, मौजपुर, दिल्ली के रूप में की गई है।
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सिकंदराबाद में उनकी जमीन है, जिसमें वह खेतीबाड़ी कराते हैं। हादसे के वक्त वह बाइक पर सिकंदराबाद से दिल्ली जा रहे थे। घंटाघर के पास ठाकुरद्वारा फ्लाईओवर पर पहुंचे तो अचानक पंतग का मांझा आकर उनकी गर्दन पर लिपट गया। वह हेलमेट पहने हुए थे।

उन्होंने मांझे को गर्दन से निकालने की कोशिश की, लेकिन हेलमेट पहने होने की वजह से वह असफल रहे। मांझे से उनकी गर्दन कट गई, वह वहीं गिर पड़े। इस दौरान भीड़ लग गई। नगर कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई।
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गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज

- फोटो : file photo
पुलिस मौके पर पहुंची और खून से लथपथ हालत में उन्हें एमएमजी अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। नगर कोतवाली एसएचओ धीरेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है।

पतंग कौन उड़ा रहा था, यह पता नहीं चल सका है। मांझा चाइनीज बताया जा रहा है। जांच जारी है। इस संबंध में अज्ञात के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।

जिले में चाइनीज मांझे पर छह माह से बैन लगा हुआ है। इसके बावजूद इसकी धडल्ले से बिक्री हो रही है। जिलाधिकारी विमल कुमार शर्मा ने बताया कि छह माह पहले उन्होंने इसकी बिक्री पर बैन लगाया था।
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चाइनीज मांझे में होता है प्लास्टिक

चाइनीज मांझा
जांच कराई जाएगी कि कौन चाइनीज मांझा बेच रहा है, अगर कहीं बिकता मिला तो दुकानदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि चाइनीज मांझे से गाजियाबाद से पहले दिल्ली, मुरादाबाद, जयपुर आदि जगह हादसे हो चुके हैं।

पतंग कारोबारी बताते हैं कि चाइनीज मांझे में प्लास्टिक होता है। इस वजह से यह आसानी से टूटता नहीं है। इसमें धार भी होती है। वैसे बाजार में मिलने वाले सभी मांझे घातक होते हैं, लेकिन इनमें चाइनीज मांझा सबसे खतरनाक साबित होता है।

करीब छह साल पहले यह मांझा भारत में आया था। लोग इसलिए भी इसे ज्यादा पसंद करते हैं, क्योंकि यह बारिश के दौरान भी खराब नहीं होता है। पक्षी मांझे से ज्यादा शिकार होते हैं।
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