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भाजपा और कांग्रेस में बड़े पदों के खरीद फरोख्त के गोरखधंधे का हुआ खुलासा

Sun, 29 Jan 2017 09:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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कांग्रेस और भाजपा में बड़े पदों और टिकट दिलाने के लिए ये बदमाश करता था मोटी रकम की ठगी। - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने राजनेताओं, नौकरशाह, सांसद व मंत्रियों से उगाही करने वाले हाई प्रोफाइल गिरोह का पर्दाफाश कर सरगना समेत दो को गिरफ्तार किया है। ये पार्टी में पद व टिकट दिलवाने के नाम पर उगाही करता था।
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आरोपी खुद को कभी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तो कभी भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव राममाधव का फर्जी निजी सचिव बनकर उगाही व ठगी करता था। आरोपी के खिलाफ नेताओं से उगाही के 11 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी ने ज्यादातर सांसद, पंजाब में टिकट की चाह रखने वाले व पूर्वोत्तर के मंत्री व नेताओं से ठगी की है।

आरोपी भाजपा व कांग्रेस से जुड़े सांसद, नेताओं मंत्रियों को अपना शिकार बनाता था। अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त रविंद्र यादव के अनुसार झारखंड के मंत्री अमर कुमार बाउरी के निजी सचिव सुशांत कुमार मुखर्जी ने 24 जनवरी को अपराध शाखा को शिकायत दी थी कि एक व्यक्ति भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव राम माधव बनकर पिछले तीन दिनों से चुनावों के लिए फंड मांग रहा है। 
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मंत्री से मिलने झारखंड भवन भी भेज दिया

फोन करने वाले ने 23 जनवरी को एक व्यक्ति को मंत्री से मिलने झारखंड भवन भेजा था। जब भाजपा महासचिव के कार्यालय से जानकारी मांगी गई तो पता लगा कि कोई फंड नहीं मांगा गया है। इसके बाद लगा कि कुछ बदमाश नेताओं के साथ ठगी के इस गोरखधंधे में लगे हुए हैं। 

मामला दर्जकर शाखा में तैनात इंस्पेक्टर सुनील कुमार की टीम ने तफ्तीश शुरू की। इंस्पेक्टर सुनील कुमार की टीम को जांच में पता लगा कि संजय कुमार तिवारी का गिरोह नेताओं से उगाही करने में लगा हुआ है।

इसके बाद पुलिस ने संजय कुमार तिवारी व उसके साथी गौरव शर्मा को आईटीओ के पास से 25 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से उगाही के लिए प्रयोग किए जाने वाले दो मोबाइल नंबर जब्त किए गए। 

स्टडी कर शिकार की तलाश करता था

लोगों से ठगी करने वाला बदमाश। - फोटो : अमर उजाला
पूछताछ में पता लगा कि संजय कुमार तिवारी (40) इस गिरोह का सरगना है। आरोपी जिस नेता को अपनी ठगी का शिकार बनाता था उसके बारे में पहले काफी कुछ पता करता था।

पता लगाने के बाद ही ये पीड़ित को उसी मंशा के अनुसार पार्टी में पद, टिकट व अन्य लाभ दिलाने की बात कह कर ठगी करता था। वह खुद को कभी भाजपा का बड़ा नेता तो कभी सोनिया गांधी का पीए बनकर झांसा देता था।

आरोपी उगाही की रकम को कभी खुद नहीं लेता था। ये गौरव शर्मा व किसी अन्य से इस रकम को एकत्रित करवाता था। इस कारण आरोपी की कभी पहचान नहीं हो पाती थी। 

पंजाब और पूर्वोत्तर के नेताओं को ठगा

लोगों से ठगी करने वाला बदमाश। - फोटो : अमर उजाला
अपराध शाखा अधिकारियों के अनुसार फैजाबाद, यूपी निवासी संजय कुमार तिवारी सिर्फ दसवीं पास है। ये वर्ष 1999 में दिल्ली आया था और ऑल इंडिया रेडियो में काम करने लगा। इसके बाद प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम किया।

बाद में ये एलपीजी सिलेंडर सप्लाई करने वालों का स्टिंग कर उगाही करने लगा। ये उगाही व ठगी के मामले में कई बार गिरफ्तार हो चुका है। आरोपी ने दावा किया है वह तरुण तेजपाल और फिल्म निर्देशक तनुजा चंद्रा के साथ मुंबई में काम कर चुका है।

अरुणाचल प्रदेश के सांसद के निजी सचिव का काम हुए इस ठगी का आइडिया आया था। गांव होशियारपुर, नोएडा निवासी गौरव शर्मा (23) तीन-चार वर्ष पहले संजय कुमार तिवारी से मिला था और पीछे सात-आठ महीने से उसके साथ ठगी व उगाही करने लगा था। ये तिवारी के लिए लड़के भर्ती करता था। 
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जेल भी जा चुका है

चेहरे को हाथ से छुपाता ठगी करने वाला बदमाश। - फोटो : अमर उजाला
आरोपी नवंबर, 2016 में जेल से बाहर आने के बाद असम की भाजपा नेता प्रमिला रानी से मिनिस्ट्री ऑफ डेवलपमेंट ऑफ नार्थ-ईस्ट रीजन के मंत्री का पीए बनकर 50 हजार, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव का निजी सचिव बनकर नगालैंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भिका खोले से 50 हजार, पंजाब चुनावों में टिकट दिलवाने की बात कर सोनिया गांधी का पीए बनकर पूर्व कांग्रेसी विधायक एचआर जोशान से दस हजार, मणिपुर के पूर्व डिप्टी सीएम से नई बिल्डिंग के लिए दान दिलाने के नाम पर दस हजार, सोनिया गांधी का पीए बनकर पार्टी फंड के नाम पर नगालैंड के पूर्व विधायक निलो रंगमा से पांच हजार ठग चुका है।
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