शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थी। मगर फेरों से ठीक पहले रविवार को प्रेरणा सेवा संस्थान एनजीओ पुलिस केसाथ सिहानी चौकी के सामने मोमराज नगर पहुंची और शादी रुकवा दी।
लड़की को पुलिस चौकी ले आए, मगर जीडी में बरामदगी लिखने से पुलिस के इनकार पर लड़की को वापस परिजनों केही सुपुर्द करना पड़ा। परिजनों ने आश्वासन दिया कि वे शादी नहीं करेंगे। बारात फरीदाबाद से आई थी, जिसे बैंरग लौटना पड़ा। दूल्हा भी नाबालिग बताया जा रहा है, हालांकि वह खुद को बालिग बता रहा था।
प्रेरणा सेवा संस्थान के संस्थापक तरुण ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि 14वर्षीय लड़की की शादी कराई जा रही है। रविवार शाम एनजीओ की टीम महिला थाने और सिहानी गेट पुलिस के साथ मौके पर पहुंची।
थोड़े विरोध के बाद शादी रुकवाकर वे लड़की को वहां से ले आए और पुलिस चौकी में रखा। बिना जीडी में दर्ज किए एनजीओ उसे शेल्टर होम में नहीं रख सकता। एनजीओ पुलिस को बरामदगी जीडी दर्ज करने पर अड़ा रहा और पुलिस इनकार करती रही।
हारकर एनजीओ ने लड़की को उसके परिजनों के ही सुपुर्द कर दिया। इस संबंध में पुलिस अफसरों का कहना है कि एनजीओ का मकसद शादी रुकवाना था, जो रुक गई है, बाकी कार्रवाई वे नहीं चाहते थे, लिहाजा कार्रवाई नहीं की गई।
ऐसे चला पता
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जिस लड़की की शादी हो रही थी, वह 2013 में इसी एनजीओ में रही थी। इसकी शादी का कार्ड एनजीओ भी भेजा गया, जिससे एनजीओ को शादी का पता चला।