स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक का बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर क्रेडिट कार्ड से अपने डिजिटल खाते में पैसे ट्रांसफर करके ठगी में लगा हुआ था। दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन करने वाला आरोपी पहले लोगों के स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के क्रेडिट कार्ड बनवाता।
फिर क्रेडिट कार्ड से अपने डिजिटल खाते में रकम को पेटीएम कर लेता। ग्रेटर कैलाश थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में पता लगा कि ये कई लोगों से लाखों रुपये की रकम ठग चुका है।
हाल ही में उसने स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर के पद से नौकरी छोड़ी है। जुए व क्रिकेट पर सट्टा खेलने के कारण उस पर काफी कर्ज हो गया था। कर्ज उतारने के लिए फाइनेंसरों से पैसा लिया था।
ब्याज ज्यादा होने के कारण कर्ज बढ़ता चला गया था, इसलिए ठगी शुरू की। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश में रहने वाली दीप्ति नरवाल एनजीओ में सीनियर पद पर काम करती हैं।
दीप्ति ने ग्रेटर कैलाश थाना पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि उसके पास एचडीएफसी बैंक का क्रेडिट कार्ड था। वह बैंक की सर्विस से संतुष्ट नहीं थी, तभी उसके पास स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक से तनुज भाटिया का फोन आया और क्रेडिट कार्ड बनाने को कहा। दीप्ति के पास क्रेडिट कार्ड आ गया।
तनुज भाटिया ने दीप्ति को फोन किया और कहा कि क्रेडिट कार्ड उसके घर पहुंच गया है और वह उसकी पूरी डिटेल व वन टाइम पासवर्ड बता दें, ताकि उसे एक्टिवेट किया जा सके। दीप्ति ने तनुज को पूरी डिटेल बता दी।
इसके बाद आरोपी तनुज ने उसके क्रेडिट कार्ड से अपने खाते में 51 हजार व 21 हजार पेटीएम कर लिए। दीप्ति की शिकायत पर ग्रेटर कैलाश-एक थानाध्यक्ष दिलीप की देखरेख में इंस्पेक्टर अनिल मलिक व एसआई कुलदीप सिंह की टीम ने तफ्तीश शुरू की।
पुलिस टीम ने जांच के बाद तनुज को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के लिए उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया। तनुज (31) ने बताया कि वह वर्ष 2008 से बैंकिंग सेक्टर में काम कर रहा है। वह एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ इश्योरेंस, एसबीआई क्रेडिट कार्ड, सिटी बैंक व स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में काम कर चुका है।