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कांशीराम की प्रतिमा खंडित करने वालों की नहीं हुई पहचान

Wed, 01 Jun 2016 01:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव

सार

  • सीसीटीवी कैमरे में कैद तस्वीर के आधार पर जांच में जुटी पुलिस 
  • सीसीटीवी कैमरे में कैद तस्वीर के आधार पर जांच में जुटी पुलिस
  • दलितों के दो गुटों में बंटने का परिणाम हो सकती है घटना
  • बसपा से जुड़े लोगों ने लगवाई थी मूर्ति 
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- फोटो : ANI
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विस्तार
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सेक्टर-4 के अंबेडकर भवन में कांशीराम की प्रतिमा का खंडन करने वालों का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। सेक्टर पांच थाना पुलिस सीसीटीवी कैमरे में कैद तस्वीर को खंगाल रही है। समझा जा रहा है कि यह दलितों के दो गुटों के बंटने का परिणाम है।
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क्योंकि सिर्फ कांशीराम की मूर्ति खंडित की गई है, उसके साथ लगी डॉ. बीआर अंबेडकर और गौतम बुद्ध की मूर्तियां सुरक्षित हैं। सेक्टर पांच थाना पुलिस ने अंबेडकर सभा के पदाधिकारी श्रीभगवान के बयान पर छह अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच कर रही है।

मूर्ति खंडित होने की खबर के बाद लोग एकत्रित होकर पुलिस आयुक्त से मुलाकात की। जहां पर उन्होंने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। दलित नेता सतपाल तंवर ने बताया अंबेडकर भवन में मंगलवार को एक बैठक हुई। जिसमें जल्द प्रतिमा तोडने वालों को गिरफ्तार न किया गया तो प्रदेश भर में आन्दोलन कीचेतावनी दी गई।
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बैठक के दौरान कुछ लोगों ने अंबेडकर भवन के राजनीतिकरण का विरोध किया। बताया गया है कि कांशीराम की मूर्ति बसपा ने लगवाई थी। इस पर दलित समाज के भी कुछ लोगों को आपत्ति है।

उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर सर्व समाज के लिए पूज्यनीय हैं। उनके प्रांगण का राजनीतिक करण नहीं किया जाना चाहिए। बसपा का अंबेडकर सभा से गठजोड़ दलित समाज का उत्थान नहीं बल्कि गुमराह कर रहा है।

समाज के असंतुष्ट वर्ग का कानून हाथ में लेना समाधान नहीं है। उधर, इस मामले को लेकर बसपा नेताओं ने सोमवार को ही घटना स्थल का दौरा कर आंदोलन की चेतावनी दी थी।
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