क्राइम ब्रांच-9 की टीम और बदमाशों के बीच शनिवार रात सोहना में मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से हुई फायरिंग के दौरान एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने उसे पकड़ लिया। आरोपी की पहचान पलवल के अलीमेव गांव निवासी आबिद के रूप में हुई। पूछताछ में पता चला कि वह 30 जून को सेक्टर-29 थाने के एसएचओ के अपहरण का मास्टर माइंड था।
अपराध शाखा-9 को सूचना मिली कि कुछ लुटेरे बाइक से निकलेंगे, जो अपने साथी के साथ वारदात को अंजाम देने वाले हैं। शाखा प्रभारी राज कुमार ने सोहना में घेराबंदी कर दी। इस दौरान जब पुलिस ने निरंकारी कालेज की ओर से आ रही पल्सर बाइक को रुकने का इशारा किया तो बाइक चला रहे बदमाश ने पुलिस पर गोली चला दी। गोली पुलिस की जीप में लगी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई। एक गोली बदमाश के पैर में लगी। वह वहीं गिर पड़ा, जबकि बाइक सवार दूसरा युवक फरार हो गया।
पुलिस ने घायल बदमाश की पहचान आबिद केे रूप में की। उसे सोहना अस्पताल लाया गया, जहां से उसे गुड़गांव के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। सोहना थाना पुलिस ने क्राइम ब्रांच टीम के सिपाही के बयान पर आरोपी आबिद के खिलाफ पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करने, सरकारी काम में बाधा डालने व शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने चोरी की बाइक बरामद की।
पूछताछ में आबिद ने खुलासा किया है कि वह लूट गिरोह का मास्टर माइंड है, जो चिल्ली गांव, पलवल के रहने वाले अयुब उर्फ हल्लू, आबिद व खालिद के साथ वारदात को अंजाम देता था। चारों ने मिलकर 30 जून की सुबह सेक्टर-29 थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह का अपहरण कर लिया था और मथुरा ले जाकर उनकी स्विफ्ट कार लूट ली थी। बताया गया है कि बदमाश किसी की वरना कार लूटने की फिराक में सुशांत लोक की सर्विस रोड पर खड़े थे।
उन्हें देखकर उधर से गुजर रहे सुरेंद्र सिंह ने उनसे पूछताछ की और इसके बाद उन्हें अपनी गाड़ी में बैठाकर थाने ले जाने लगे। इसी दौरान बदमाशों ने उन्हें गन प्वाइंट पर ले लिया और फरीदाबाद की तरफ ले गए। थाना प्रभारी के अपहरण के बाद से ही पुलिस बदमाशों की तलाश में थी। दिनदहाड़े पुलिस अधिकारी का अपहरण चर्चा का विषय बना हुआ था। इसलिए किसी भी सूरत में आरोपियों को पकड़ने का दबाव पुलिस पर बना हुआ था। इस मामले में अब तीन अन्य आरोपियों की तलाश है। सोमवार को पुलिस आरोपी को अदालत में पेश करेगी।