बघौला गांव के कासम के घर पर जान लेवा हमला बोलने, देशी कट्टे से हवाई फायर करने व जान से मारने की धमकी देने वालों को घटना के एक माह बाद भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
पुलिस द्वारा आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार न करने से पीड़ित परिवार के लोगों में पुलिस के प्रति रोष है। बघौला गांव के कासम ने बताया कि गत् 18 अगस्त को गांव के साहबद्दीन के साथ उसका झगड़ा हो गया था।
उसके बाद से ही साहबुद्दीन उसे मरवाने के लिए आबिद व साहिद को उसके घर भेजता था। कासम ने पुलिस थाना में मामला दर्ज करवाया कि 23 अगस्त को सांय साढे़ चार बजे उसका बेटा आशिक तथा भतीजा सलीम घर पर ही थे।
आबिद व साहिद कासम के घर के आगे आ गए तथा जान से मारने की धमकी देने लगे। कासम ने कहा कि दोनों के हाथों में देशी कट्टे थे। आबिद ने देशी कट्टा से हवाई फायर किया।
कासम के भतीजे सलीम की पत्नि अरशीदा ने जब उनसे इस तरह से हवाई फायर करने का कारण पूछा तो उन्होंने उसे भी जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने कासम की शिकायत पर साहबुद्दीन, आबिद, साहिद तथा मोहररम के खिलाफ शस्त्र अधिनियक एवं भादस की कई धाराओं के तहत घटना के 17 दिन बाद यानि कि 10 सितंबर को मामला दर्ज कर लिया।
कासम का आरोप है कि उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देने, घर पर जाकर हवाई फायर करने वाले आरोपियों को पुलिस जानबूझकर गिरफ्तार नहीं कर रही है।
जबकि आरोपी खुलेआम गांव में घूम रहे हैं। कासम ने रेवाड़ी रेंज की पुलिस महानिरीक्षक ममता सिंह से मांग की है कि वे इस मामले के आरोपियों को शीघ्र्र गिरफ्तार करवाकर उसे इंसाफ दिलाएं।