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गुस्साए लोगों ने घरौड़ा में बैंक पर जड़ा ताला, पुलिस पहुंची

Wed, 23 Nov 2016 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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- फोटो : सौरभ, गाज‌ियाबाद ब्यूरो
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नोट न मिलने से नाराज लोगों का सब्र अब जवाब देने लगा है। मंगलवार सुबह एनआईटी स्थित एचडीएफसी बैंक के बाहर लोगों ने हंगामा कर दिया। वहीं घरौड़ा स्थित सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक से नोट न मिलने पर गुस्साए लोगों ने बैंक पर ताला जड़ दिया। खबर पाकर मौके पर थाना छायसां पुलिस पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को शांत किया। करीब एक घंटे बाद ग्रामीणों ने  ताला खोला और बैंक में काम शुरू हुआ।
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दरअसल, आरबीआई द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में नए नोट न देने के कारण लगातार परेशानी बढ़ रही है। गेहूं की बुवाई का सीजन होने के कारण किसानों को इस समय पैसे की खासी जरूरत है। हालत ये है कि किसान बैंकों में नकदी आने के इंतजार में सुबह से लेकर शाम तक कतारों में खड़े रहते हैं। रोज लाइन लगाकर भी पैसे नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को सुबह ही घरौड़ा बैंक के गेट पर ताला जड़ दिया। इस दौरान बैंक के सभी कर्मचारी बाहर खुले में खड़े रहे।

बैंक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन उनकी एक नहीं सुनी। तब बैंक प्रबंधक ने इसके बारे में  थाना छायसां पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों को जैसे-तैसे समझा-बुझाकर ताले को खुलवाया। बैंक प्रबंधक सुमेर सिंह का कहना है कि मंगलवार को बैंक में 2000 हजार के नोट की तीन लाख रुपये की नगदी आई, जिनमें से शादी वाले 15 परिवार वालों को दस-दस हजार रुपये दिए गए। बाकी नगदी अन्य लोगों को बांट दी। नगदी ज्यादा न होने के कारण लोगों में गुस्सा है। इस बारे में बैंक अधिकारियों को लिखित जानकारी दे दी गई है।
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एनआईटी स्थित एचडीएफसी बैंक की शाखा खुलने के कुछ देर बाद ही कैश खत्म होने की नोटिस चस्पा कर दिए जाने से गुस्साए लोगों ने मंगलवार सुबह एनआईटी स्थित एचडीएफसी बैंक के बाहर हंगामा किया। मौके पर पहुंचे एनआईटी थाना इंचार्ज मित्रपाल के सामने लोगों ने बैंक अधिकारियों पर धांधली करने का आरोप लगाया। लोगों का कहना था कि सुबह छह बजे से लाइन में लगे हैं। शाखा साढ़े नौ बजे खुली, मुश्किल से तीन या चार ही ग्राहक अंदर गए होंगे कि कैश खत्म होने की घोषणा कर दी गई।

लोगों का आरोप था कि बैंक प्रबंधक कुछ खास ग्राहकों को सरकार की बनाई लिमिट से कहीं ज्यादा धन अंदर से ही दे रहा है। यही कारण है कि बीस लाख रुपये चंद मिनटों में ही खत्म हो जाते हैं। थाना प्रभारी ने बैंक अधिकारियों से बात कर लाइन में खड़े लोगों को टोकन बंटवाए और कैश का इंतजाम होते ही टोकन धारकों को पहले धन देने के लिए कहा। टोकन बांटे जाने के बाद भीड़ शांत हुई।
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