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आरोपी पुलिसकर्मी भेजे गए तिहाड़ जेल

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नई दिल्ली के बिंदापुर में टूर एंड ट्रेवल कंपनी के मालिक मनोज राणा की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में बृहस्पतिवार को सभी छह आरोपी पुलिसकर्मियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया।
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मामले की छानबीन कर रहे अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के अलावा मनोज के परिवार व पड़ोसियों के बयान दर्ज किए। मामले की न्यायिक जांच भी जारी है।

हालांकि, मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट बृहस्पतिवार को परिवार के बयान नहीं ले पाईं। जांच अधिकारी के अनुसार, मनोज की बहन पूनम, चाचा श्रवण, चचेरे भाई प्रदीप, विकास व भांजे सोनू उर्फ बादशाह, बाबू और पड़ोसी गंगा के बयान दर्ज किए गए।
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घरवालों ने पुलिस के खिलाफ दिया बयान

मोनोज के चाचा श्रवण (55) ने बयान में आरोप लगाया कि घटना वाले दिन सोमवार को मनोज मंदिर में जल चढ़ाकर घर लौट रहा था। इस बीच रास्ते में उसे आरोपी पुलिसकर्मी मिले। आरोपियों ने उसे जबरन चलने के लिए कहा। मनोज ने उनसे बचकर भागने का प्रयास किया।
मनोज लकड़ी के पुल की ओर भागा, श्रवण ने उसे भागते हुए देखा तो उसने पुलिसकर्मियों को रोकने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने उसे धक्का देकर गिरा दिया जिससे उसके हाथ में चोट लग गई। पुलिसकर्मी उसके सामने ही मनोज को जबरन ले गए।

वारदात के स्थान पर मनोज की बहन पूनम का घर है। पूनम ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो पुलिसकर्मियों ने बिंदापुर थाने आकर मनोज को ले जाने के लिए कहा। इसी तरह बाकी परिजनों और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही केस को सही दिशा मिल पाएगी।
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परिजनों ने जंतर मंतर पर निकाला कैंडल मार्च

टूर एंड ट्रेवल के मालिक मनोज राणा के परिजनों ने केंद्र सरकार से न्याय की गुहार लगाते हुए जंतर मंतर पर कैंडल मार्च निकाला।

परिजनों ने पुलिस हिरासत में मनोज की मौत पर नाराजगी जताते हुए बिंदापुर पुलिस को आरोपी ठहराया। जंतर मंतर पर 200 से अधिक लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।

मार्च में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। परिजनों ने बताया कि मनोज की मौत के बाद परिवार बेसहारा हो गया है। परिजनों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग केंद्र सरकार से की है।
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