दिल्ली-नोएडा को जोड़ने वाला एंट्री प्वाइंट शुक्रवार को करीब तीन घंटे तक जाम से जूझता रहा। महिला संगठनों से जुड़ी सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एसएसपी कार्यालय के सामने रास्ता रोककर प्रदर्शन किया। इसके चलते लिंक रोड के जरिए दिल्ली-नोएडा के बीच वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कुछ न्यूज चैनलों ने एक नाबालिग के निजी वीडियो से छेड़छाड़ कर उसे अश्लील तरह से पेश किया है। दोपहर करीब दो बजे सैकड़ों की तादाद में प्रदर्शनकारी सेक्टर-14ए स्थित एसएसपी कार्यालय के सामने एकत्र हो गए और प्रदर्शन करने लगे। देखते ही देखते एक तरफ फिल्म सिटी फ्लाईओवर और दूसरी तरफ दिल्ली में मयूर तक लंबा जाम लग गया।
रास्ता रोककर सड़क जाम करने पर थाना सेक्टर-20 पुलिस ने दो महिलाओं सहित एक
पुरुष को नामजद कर सैकड़ों अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
जाम से निपटने के लिए नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने लिंक रोड से दिल्ली जाने वाले वाहनों को सेक्टर-14ए फ्लाईओवर के लूप से उद्योग मार्ग की तरफ डायवर्ट कर दिया, जबकि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मयूर विहार फेज-एक और चिल्ला कट से वाहनों को न्यू अशोक नगर व वसुंधरा एंक्लेव की तरफ डायवर्ट कर दिया।
इसके चलते उद्योग मार्ग, न्यू अशोक नगर और झुंडपुरा चौराहा शाम करीब पांच बजे तक जाम से जूझता रहा। क्षेत्राधिकारी प्रथम शिवराम यादव ने बताया कि इस मामले में जीरो एफआईआर गुड़गांव में दर्ज थी। इसी मामले को लेकर सैकड़ों लोगों ने नोएडा में रास्ता बाधित कर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने की कोशिश की है।
‘नाबालिग की इज्जत से खिलवाड़’
संगठन से जुड़ी महिलाओं ने शुक्रवार को सेक्टर-15 नया बांस में प्रेसवार्ता करके आरोप लगाया कि तीन न्यूज चैनलों के अधिकारियों ने अपनी टीआरपी बढ़ाने के लिए एक नाबालिग बालिका की इज्जत से खिलवाड़ किया है। इन अधिकारियों के खिलाफ 15 दिन पूर्व पोक्सो के तहत जीरो एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है लेकिन पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है।
संगठन की पदाधिकारियों ने बताया कि गुड़गांव निवासी इंजीनियर परिवार के साथ नाइंसाफी हुई है। लगातार धरना प्रदर्शन के बाद ही गुड़गांव पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज की लेकिन उसे थाना सेक्टर-39 नोएडा भेज दिया। नोएडा पुलिस चुप्पी साधे हुए है। पीड़ित परिवार कभी नोएडा पुलिस के पास जाता है तो कभी गुड़गांव की पुलिस के पास, लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिला है।