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तांत्रिक सलीम का शव मिलने पर बदला तफ्तीश का रुख, लापता प्रीति पर सिमट रहा दायरा

Mon, 29 Aug 2016 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
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car accident - फोटो : अमर उजाला
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नरौरा नहर में कार के मिलने और उसमें तीन शव मिलने के मामले में साजिश की तफ्तीश का रुख तांत्रिक सलीम का शव मिलने के बाद बदल गया है। अब शक का दायरा लापता प्रीति की ओर सिमट रहा है।
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उसके साथ ही लापता ड्राइवर ओमपाल की तलाश में नरौरा-नोएडा पुलिस ने कासगंज के नगरई झाल तक सर्च अभियान चलाया। दूसरी ओर दोनों के मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर डाल दिया गया है। साथ ही उस व्यक्ति के बारे में भी पता लगाया जा रहा है जिसे प्रीति ने बदायूं में फोन करके बुलाया था। 

मालूम रहे कि शुक्रवार तड़के नरौरा में नहर से निकाली गई कार में राजे, उसकी पत्नी धर्मवती और सलहज प्रीति के शव मिले थे। वहीं तीन परिजन बेटा ललित, बहू शीतल और साला राजेंद्र बदायूं में बेहोश मिले। 
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अभी ड्राइवर ओमपाल और प्रीति बचे हैं लापता

car accident - फोटो : अमर उजाला
पुलिस पूछताछ में सभी ने बदायूं में जियारत के बाद कोल्डड्रिंक पीने से बेहोश होने की बात कही थी। इन सब के साथ राजे की बेटी प्रीति, ड्राइवर ओमपाल और तांत्रिक सलीम भी था, जिनका उस वक्त कोई पता नहीं चला। 

अगले ही दिन सलीम का शव भी रामघाट क्षेत्र में नहर से मिला। अब ड्राइवर ओमपाल और प्रीति की लापता बचे हैं जिनकी तलाश की जा रही है। इस मामले में नरौरा में हादसे की और ग्रेटर नोएडा में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी क्योंकि शव नरौरा में मिले और सभी ग्रेटर नोएडा के नवादा गांव के रहने वाले थे। 

नोएडा से शुरू हुई कहानी बदायूं होते हुए बुलंदशहर के नरौरा आते-आते ऐसी उलझ गई कि तीन जनपदों की पुलिस भी पसीना छोड़ते नजर आ रही है। मृतक परिवार के मुखिया राजे का बेटा ललित कुछ और कहानी बता रहा है। 

बदायूं में ढाबे पर पहुंचे पुलिसकर्मी कुछ और बता रहे हैं। हत्या की रिपोर्ट तांत्रिक सलीम के नाम दर्ज कराई गई है। इसके बाद तांत्रिक सलीम का ही शव नहर से बरामद हो रहा है। 

कासगंज तक चल रहा सर्च अभियान

car accident - फोटो : अमर उजाला
उलझी हुई कहानी में घिरी तीन जनपदों की पुलिस को अब सर्विलांस का ही सहारा बचा है। जब तक प्रीति और ड्राइवर ओमपाल नहीं मिल जाते, तब तक सर्विलांस की मदद से ही सच का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है। 

पुलिस मृतक परिवार के मुखिया राजे समेत बदायूं जाने वाले सभी सदस्यों, तांत्रिक सलीम और ड्राइवर ओमपाल की कॉल डिटेल निकाल रही है। प्रीति समेत परिवार के कई अन्य सदस्यों के फोन सर्विलांस पर भी लगाए गए हैं, ताकि सच का खुलासा हो सके। हालांकि सभी की नजरें प्रीति और 10 वें व्यक्ति पर ही टिकी हुई हैं। प्रीति के मिलने पर ही मामले का राजफाश संभव है।

कासगंज तक चल रहा सर्च अभियान
हादसे के बाद से लापता चल रही राजे की बेटी प्रीति और ड्राइवर ओमपाल के शव को ढूंढने के लिए बुलंदशहर और नोएडा पुलिस ने सर्च अभियान तेज कर दिया है। 

पुलिस एक्सपर्ट गोताखोरों की मदद से नरौरा से लेकर कासगंज के नगरई झाल तक 55 किमी के एरिया में गहनता से शवों की जांच चल रही है। गौरतलब है कि नरौरा नहर से निकलने वाले शव कासगंज के नगरई झाल में अटक जाते हैं।
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'सिंचाई विभाग की रेलिंग होती तो नहीं गिरती कार' 

car accident - फोटो : अमर उजाला
यहां इन शवों को आसानी से निकाला जा सकता है। पुलिस ने गोताखोरों की टीम को नगरई झाल में भी उतारा है। यहां इन शवों की तलाश की गई, लेकिन पुलिस को तीसरे दिन भी कोई कामयाबी हाथ नहीं लगी। 

नरौरा प्रभारी एचएन सिंह ने बताया कि शवों की तलाश लगातार तीसरे दिन भी जारी है। नोएडा और नरौरा पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर शवों की तलाश की, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।

एसडीएम ने माना सिंचाई विभाग की रेलिंग होती तो नहीं गिरती कार 
नरौरा में हाइवे पर बने नहर पुल की रैलिंग टूटी नही होती तो यहां से कार गिरने की घटना नहीं होती। इसको बनवान का दायित्व सिंचाई विभाग नरौरा का था। 

एसडीएम डिबाई उमाशंकर ने मौके  का मुआयना करने के बाद जिले पर शनिवार को आयोजित बैठक में यह बात रखी। एसडीएम डिबाई उमाशंकर ने बताया कि बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा इसको बनाने का दायित्व है।

रेलिंग लगी होती तो इस पांइट से कार नहर में नहीं गिरती। और उसमें कई जानें नहीं जाती। उन्होंने सिंचाई विभाग के बरिष्ठ अधिकारियों को सोमवार को पत्र भेजे जाने की बात कही हैं।
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