रुक्सार और अब्दुल के चिल्लाने की आवाज सुन कर वो उन दोनों के पास भागी आई। उसने देखा कि रुक्सार को उसका पिता बुरी तरह मार रहा था। मां ने बचाने की कोशिश की मगर अब्दुल ने उसे भी थप्पड़ जड़ दिए।
वारदात को अंजाम देने के बाद अब्दुल आराम से घर में आकर बैठ गया। रुक्सार की मां फौरन उसे लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में ले गई। वहां रुक्सार की मां ने झूठ कहा कि रुक्सार छत से नीचे गिर गई मगर हालत देख कर ऐसा नहीं लग रहा था। रुक्सार के पैर पर किसी प्रकार की चोट नहीं थी। डॉक्टर को मामला गंभीर लगा और उन्होंने मामले की जानकारी पु्लिस को दी।
पुलिस की पूछताछ में रुक्सार की मां ने मामले का खुलासा किया। उसने बताया कि अब्दुल ने रुक्सार को पानी देर से देने पर बहुत बेहरमी से मारा। उसने बताया कि घटना के समय वो दूसरे कमरे अपनी बहन से फोन पर बात कर रही थी।
चीखने की आवाज आने पर वो भाग कर रुक्सार के पास आई। उसने देखा की अब्दुल काफी गुस्से में रुक्सार को मार रहा था। रुक्सार की मां ने रोका तो अब्दुल ने उसे थप्पड़ ज़ड़ दिया और वो गिर गई।
रुक्सार की मां ने बताया कि अब्दुल ने बच्ची का गला कस कर पकड़ कर उसे घर के बाहर फेंक दिया। इसके बाद उसने बाल पकड़ कर उसका चेहरा सड़क पर कई बार पटका। रुक्सार खून से लथपथ हो चुकी थी। पुलिस की छानबीन में सामने आया कि अब्दुल शराब का आदि है। वो अक्सर शराब पीकर अपनी पत्नी को भी प्रताड़ित करता है। पुलिस ने बताया कि रुक्सार का परिवार कुछ महीने पहले ही दिल्ली आया है। वे यहां किराए के घर में रहते हैं।
रुक्सार को पहले लाल बहादुर अस्पताल में भर्ती किया गया था। बाद में उसे गुरू तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती किया गया। उसकी हालत ठीक हो रही थी, मगर हादसे के तीन दिन बाद उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया है और आईपीसी की धारा 304ए के तहत मामला दर्ज कर लिया है।