पश्चिम दिल्ली के नांगलोई इलाके में पड़ोसी युवक ने साढ़े तीन साल के मासूम की अपहरण के बाद हत्या कर दी। मृतक बच्चे की शिनाख्त मयंक उर्फ काकू के रूप में हुई है।
पुलिस ने हत्या करने के आरोप में मान सिंह (21) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की मानें तो मान सिंह नशे का आदी है। उस पर 50-60 हजार रुपये का कर्ज है, जिसे चुकाने के लिए आरोपी ने बच्चे को अगवा कर फिरौती मांगने की योजना बनाई थी।
लेकिन मासूम की हत्या करने के बाद वह फिरौती की कॉल करने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मासूम का शव बरामद कर लिया है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस के मुताबिक मृतक बच्चे मंयक कापिता किशन लाल है, जो पत्नी व बेटे मयंक के साथ नांगलोई गली नंबर-3 में रहता है। मयंक का बड़ा भाई भी हादसे का शिकार हो गया था। फिलहाल मयंक किशन लाल की इकलौती संतान था।
सोमवार सुबह करीब 7.30 बजे मयंक घर के पास से खेलते हुए गायब हो गया। काफी तलाशने के बाद जब मयंक का पता नहीं चला तो परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
गुस्साए परिजनों ने किया थाने का घेराव
पुलिस
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इधर जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आखिरी बार मयंक को पड़ोसी युवक मान सिंह के साथ देखा गया था। पुलिस ने मान सिंह को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया। उसने मयंक की हत्या करने की बात पुलिस को बताई।
आरोपी ने बताया कि अगवा करने के कुछ ही देर बाद उसने मयंक की हत्या कर दी थी। बाद में उसके शव को सूरजमल मेट्रो स्टेशन के पास जंगल में पानी से भरे एक गड्ढे में फेंक दिया था।
मान सिंह की निशानदेही पर पुलिस ने मयंक का शव बरामद कर लिया। आरोपी ने बताया कि उस पर 50-60 हजार रुपये का कर्जा था। इसे उतारने के लिए उसने मयंक को अगवा कर फिरौती लेने की योजना बनाई थी।
अगवा करने के बाद मयंक जोर-जोर से रोने लगा था। इसी वजह से उसने कुछ ही देर में मयंक की गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस के डर से वह फिरौती की कॉल नहीं कर पाया।
मयंक की मौत से नाराज परिजनों ने नांगलोई थाने का घेराव किया। उनका आरोप था कि समय रहते पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और आरोपी ने मासूम को मौत के घाट उतार दिया।
गुस्साए कुछ लोगों ने थाने पर पथराव भी कर दिया। भीड़ के गुस्से को देखते हुए पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा। हमले में कुछ पुलिसकर्मी व परिजन भी जख्मी हुए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत करवाया।