दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने मोस्ट वांटेड गैंगस्टर मंजीत सिंह उर्फ महाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 9 एमएम की पिस्टल व 52 कारतूस बरामद किए गए हैं। मंजीत पूर्व विधायक भरत सिंह उर्फ भरते की हत्या के आरोप में वांछित था। दिल्ली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था।
पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि मंजीत महाल की गिरफ्तारी से गैंगवार थम जाएगी। स्पेशल सेल पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुशवाह ने बताया कि किशन पहलवान गिरोह के साथ दुश्मनी रखने वाला मंजीत सिंह महाल विरोधी गिरोह के सदस्यों पर हमला करने के लिए दिल्ली-एनसीआर में घूम रहा था।
इंस्पेक्टर चंद्रिका प्रसाद व भूषण आजाद को 8 दिसंबर को सूचना मिली कि मंजीत साथी से मिलने द्वारका इलाके में आएगा। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। मंजीत महाल के खिलाफ जबरन वसूली, हत्या, हत्या का प्रयास व आर्म्स एक्ट के करीब दो दर्जन मामले दर्ज हैं।
आरोपी मार्च, 2015 में पूर्व विधायक भरत सिंह और दिसंबर 2015 में सुनील उर्फ डॉक्टर की हत्या मामले में वांछित था। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने इसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था।
200 लोगों के बीच मारा था पूर्व विधायक को
स्पेशल सेल अधिकारियों के अनुसार नजफगढ़ स्थित अभिनंदन वाटिका में कुंआ पूजन का कार्यक्रम 29 मार्च, 2015 को चल रहा था। इस कार्यक्रम में करीब 200 लोग मौजूद थे। उसी समय कुछ लोगों ने पूर्व विधायक भरत सिंह पर गोली चलाना शुरू कर दिया। गोली लगने से भरत सिंह की इलाज के दौरान मेदांता अस्पताल में मौत हो गई थी।
ज्यादातर आरोपी गिरफ्तार हो गए थे, जबकि मंजीत महाल फरार था। 21 दिसंबर को नजफगढ़ में स्थित सूरजभान प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय में सुनील उर्फ डॉक्टर की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
बलराज गिरोह में शामिल होकर बन गया था शार्प शूटर
मित्राऊ कलां गांव निवासी मंजीत सिंह महाल गांव के ही बलराज व सतीश के संपर्क में आया। बलराज उसे वित्तीय सहायता करने के अलावा हथियार देता था। बाद में ये बलराज गिरोह में शामिल हो गया। बलराज की मौत होने के बाद ये गिरोह का सरगना बन गया था। वह दिल्ली, हरियाणा व राजस्थान में अवैध हथियार सप्लाई करता था।