अदालत ने आतंकवादी संगठनों के लिए पैसे की व्यवस्था करने के मामले में आरोपी दो व्यक्तियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी उनका अपराध साबित करने में असफल रही है।
विशेष न्यायाधीश अमर नाथ ने आरोपी बनाए गए पश्चिम बंगाल निवासी शाहजहां शेख व मालेक शेख को बरी करते हुए कहा कि ऐसा कोई भी साक्ष्य पेश नहीं किया गया जिससे साबित हो कि इनके आतंकवादी संगठनों से संबंध थे।
जांच एजेंसी एनआईए ने इन दोनों को पिछले वर्ष गिरफ्तार किया था और तभी से वे न्यायिक हिरासत में है। एनआईए ने आरोप लगाया था कि दोनों देशभर के आतंकी संगठनों के लिए पैसे का प्रबंध करते थे।
वहीं बचाव पक्ष ने तर्क रखा कि उनके मुवक्किलों के पास से कोई भी नगदी की बरामदगी नहीं हुई। इसके अलावा कॉल डिटेल में भी ऐसा साबित नहीं हुआ जिससे उनके आतंकी संगठनों से संबंध साबित हो।