वज्र और दस्तक अभियान चलाकर जहां जिला गौतमबुद्धनगर पुलिस ने अपराधियों को सीखचों के पीछे कैद कर दिया। वहीं, अब न्यायालय में सुबूत पेश कर अपराधियों की जमानत रद्द करने वाले अभियान एबीसीडी (एक्यूस्ड बेस्ड कैंसिलेशन ड्राइव) चलाकर उन्हें जेल से बाहर आने से रोकने का अभियान चलाया जाएगा।
गौतमबुद्धनगर पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने शनिवार को सूरजपुर स्थित कार्यालय में पुलिस अधिकारियों की बैठक कर इस नए अभियान को चलाने के निर्देश दिए। अभियान पूरे जुलाई में चलेगा।
खास बात यह है कि जिले के सभी थानों को एबीसीडी अभियान के लिए लक्ष्य दिया गया है जिसमें प्रत्येक थाने को माह भर में तीन अपराधियों की जमानत रद्द कराने का जिम्मा रहेगा।
जिले के लगभग 20 थानों में प्रत्येक में तीन के हिसाब से 60 अपराधियों की जमानत रद्द कराई जा सकती हैं। इसके लिए पुलिसकर्मियों को अपराध की विवेचना कर अपराधियों के बारे में पुख्ता सुबूत जुटाने पड़ेंगे। पुख्ता आधार पर मिले सुबूतों से न्यायालय में आरोपियों को जमानत मिलना मुश्किल हो जाएगा। वहीं, जमानत नहीं मिलने की दशा में जिले की कानून-व्यवस्था को बनाने में मदद मिलेगी।
तीनों ओर से अपराधियों को घेरेंगे
जिला पुलिस ने जहां दस्तक अभियान से अपराधियों का डाटा इकट्ठा कर संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त आरोपियों को जेल भेजा है। वहीं, वज्र अभियान में फरार चल रहे अपराधियों को जेल की हवा खिलाई है। अब कानून-व्यवस्था के लिए दोबारा से खतरा बनने वाले इन अपराधियों की जमानत रद्द होने से अपराध पर अंकुश लगाया जा सकता है।