दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पूर्व विधायक रामबीर शौकीन को गिरफ्तार किया है। दिल्ली का सबसे कुख्यात डॉन नीरज बवानिया के मामा रामवीर शौकीन के खिलाफ मकोका का मामला दर्ज हैं।
वह करीब डेढ़ वर्ष से फरार चल रहा था। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने रामबीर शौकीन की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम भी रखा था। कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर रखा था। स्पेशल सेल पुलिस अधिकारियों के अनुसार इंस्पेक्टर उमेश बड़थ्वाल की टीम ने पूर्व विधायक को रोहिणी के पास स्थित कराला गांव से रविवार रात को गिरफ्तार किया है।
यहां ये अपने एक रिश्तेदार के घर में छिपा हुआ था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार नीरज बवानिया समेत दस लोगों के खिलाफ अप्रैल, 2015 में मकोका के तहत मामला दर्ज किया था।
इस मामले में नीरज बवानिया, उसके भाई पंकज, सुनील राठी, अमित मलिक उर्फ भूरा, नवीन डबास, राहुल डबास, नवीन हुड्डा, दीपक डबास व गुरप्रीत समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। रामबीर शौकीन फरार था।
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दायर आरोप पत्र में कहा था कि नीरज बवानिया गिरोह का सरगना है, जबकि उसका मामा उसे राजनीतिक संरक्षण देता है। शौकीन का चुनाव का खर्च नीरज बवानिया ही उठाता था। नवंबर, 2013 में हुए दिल्ली विधानसभा के चुनाव में रामबीर शौकीन मुंडका सीट से निर्दलीय विधायक चुना गया था।
गौरतलब है कि अगस्त, 2014 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत में नीरज बवाना गिरोह ने देहरादून पुलिस के जवानों से दो एके 47 राइफल और एक एसएलआर लूटकर शातिर बदमाश अमित भूरा को रिहा कराया था। पुलिस को जांच में पता लगा था कि लूटी गई एके-47 राइफलें रामबीर शौकीन को दी गई थीं।
राइफल बवाना में एक जमीन खोदकर निकाली गई थीं। स्पेशल सेल ने रामबीर को तफ्तीश में शामिल होने के लिए कई बार नोटिस भेजा था। नीरज बवाना गिरोह हत्या, लूटपाट, डकैती, जबरन वसूली, रुपये लेकर विवादित जमीन का फैसला करवाना और जमीन पर कब्जा दिलाने का काम करता था।