नई दिल्ली लाजपत नगर इलाके में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है। एक महिला ने अपनी पड़ोसन को कुत्ते से कटवा दिया क्योंकि वह लिफ्ट के बजाए सीढ़ियों से आती-जाती थी।
दोनों के बीच सीढ़ियों व लिफ्ट को लेकर कई बार पहले भी झगड़ा हो चुका था। पीड़ित महिला की शिकायत पर लाजपत नगर थाना पुलिस ने मामला दर्जकर तफ्तीश शुरू कर दी है।
कुत्ते के काटने से घायल हुई महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई है।
लिफ्ट से आने में डरती है वो
पुलिस के अनुसार लाजपत नगर भाग-दो के ई-ब्लाक की एक बिल्डिंग में सिमरन (बदला हुआ नाम) परिवार के साथ दूसरी मंजिल पर रहती है। प्रथम मंजिला गीता (बदला हुआ नाम) किराए पर रहती है।
सिमरन का आरोप है कि चढ़ते-उतरते वक्त गीता सीढ़ियों के इस्तेमाल के लिए टोकती रहती है। गीता अपने कुत्ते को सीढ़ियों के पास बांधकर रखती है।
जब सिमरन इसका विरोध किया तो गीता ने उसे लिफ्ट से आने जाने को कहा। लेकिन सिमरन ने उसे बताया कि लिफ्ट में आने जाने में उसे डर लगता है। इसलिए वह सीढ़ियों का इस्तेमाल करती है।
रास्ता रोका और महिला पर छोड़ दिया कुत्ता
दो दिन पहले सिमरन रात करीब साढ़े दस बजे सीढ़ियों से उतरकर कहीं जा रही थी। सिमरन को वहां से निकलती देख पहली मंजिल पर गीता ने उसे रोक लिया।
इसके बाद उसने घर के अंदर से अपने कुत्ते को निकाला और सिमरन को कटवा दिया। सिमरन ने जब पुलिस में इसकी शिकायत दी है तो आरोप है कि गीता ने अपने रसूख की धमकी दी।
लाजपत नगर थाना पुलिस ने आईपीसी की धारा 289 के तहत मामला दर्जकर तफ्तीश शुरू कर दी है।
पुलिस नहीं कर पाई कुत्ते की पहचान
वहीं, एक शख्स को कुत्ते के काटने के मामले में पुलिस, पीड़ित व कुत्ते की पहचान अदालत में साबित नहीं कर सकी। इसके मद्देनजर कुत्तों को संभालने में नाकाम नौकरानी को अदालत ने लापरवाही के आरोपों बरी कर दिया। नौकरानी पर अपने मालिक के कई कुत्तों को संभालने की जिम्मेदारी थी। इन्हीं में से एक ने पीड़ित को काट लिया था।
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गिरीश कठपालिया ने अपने फैसले में कहा कि मामले में पीड़ित की पहचान ही नहीं हो सकी क्योंकि कथित पीड़ित नंद किशोर अपना बयान देने के लिए कोर्ट में पेश नहीं हुआ। साथ ही उस कुत्ते की पहचान भी नहीं हो सकी जिसने नंद किशोर को काटा था।
अभियोजन के मुताबिक मामला दक्षिण दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश में सितंबर 2008 का है। घटना वाले दिन किरण अपने मालिक के तीन कुत्तों को घुमा रही थी। किरण ने नंद किशोर को गलत आदमी समझ कर उस पर एक कुत्ता छोड़ दिया था। कुत्ते ने नंद किशोर को काट लिया था।