नोटबंदी के बाद कुछ लोगों को 10 लाख के नोट बदलवाने के लिए देना एक व्यक्ति को महंगा पड़ गया। उसे नोट तो वापस नहीं मिले, बल्कि उल्टे उसके साथ मारपीट की गई और पत्नी के साथ दुष्कर्म व बच्चों को अगवा करने की धमकी मिली।
पीड़ित ने सीएम विंडो पर पिता-पुत्र व एक अन्य के खिलाफ यह आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। नोटबंदी के बाद यह पहला मामला है, जोकि सीएम विंडो पर दर्ज कराया गया है। मूलरूप से उत्तराखंड के जिला पिथौरागढ़ के गांव नाली निवासी पूरन सिंह गुरुग्राम के नाथूपुर गांव में रहते हैं।
उन्होंने 10 लाख का कर्ज लिया हुआ है। इस कर्ज को चुकाने के लिए वह काफी समय से पैसे जोड़ रहा है। उसने 10 लाख रुपये एकत्र कर लिए थे। उसने दिसंबर में बैंकों व अपने मिलने-जुलने वालों को कर्ज लौटाने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन अचानक प्रधानमंत्री ने नोटबंदी के आदेश जारी कर दिए।
इससे वह घबरा गया कि इतनी बड़ी राशि को कैसे नए नोटों में बदलेगा। नाथूपुर के रहने वाले एक दबंग ने परिचित से नोट बदलवाने का झांसा दिया। पहले उसने विश्वास जीतने के लिए 15 नवंबर को पांच हजार रुपये दिए, जिन्हें बदलकर उसने 4500 रुपये लौटा दिए।
इसके बाद 16 नवंबर को भी 5000 देने पर 4500 लौटा दिए। दो बार नोट बदलवाने पर वह लोग उसके पास पहुंचे और बताया कि उनके पास काफी नोट पड़े हैं, पांच दिन बाद सरकार की यह स्कीम खत्म हो जाएगी। इससे पीड़ित की हालत और खराब हो गई। डर के मारे वह जमा किए गए 10 लाख रुपये लेकर 17 नवंबर को इन युवकों को देने इनके घर गया था।