दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर पंजाब के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो किलो हेरोइन, फर्जी नंबर प्लेट वाली आई-20 कार व 20 लाख रुपये बरामद किए गए हैं।
ये हेरोइन पाकिस्तान व अफगानिस्तान से भारत आई थी। इसे भारत के अन्य हिस्सों में सप्लाई होना था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त हेरोइन की कीमत करीब आठ करोड़ रुपये बताई जा रही है।
स्पेशल सेल उपायुक्त संजीव कुमार यादव के अनुसार मादक पदार्थों का गिरोह दिल्ली, एनसीआर, यूपी और पंजाब में मादक पदार्थों की तस्करी करने में लगा हुआ है। करीब तीन-चार महीने की तफ्तीश के बाद आरोपियों की पहचान का खुलासा हुआ।
एसआई संदीप कुमार को आठ मार्च को सूचना मिली थी कि मादक पदार्थ की बड़ी खेप अमराही गांव एक्सटेंशन पेट्रोल पंप, दिल्ली के पास आएगी। इंस्पेक्टर अत्तर सिंह की देखरेख में एसआई संदीप कुमार, प्रवीण राठी व सुरेंद्र की टीम ने यहां घेराबंदी की।
लिस टीम ने पीछाकर सिंघू बॉर्डर से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया
पकड़ा गया हेरोइन तस्कर।
- फोटो : अमर उजाला
मादक पदार्थों की खेप लेकर आए आरोपियों ने पुलिस को देखकर कार की स्पीड बढ़ा दी। पुलिस टीम ने पीछाकर सिंघू बॉर्डर से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की पहचान गांव सिचा, जिला कपूरथला, पंजाब निवासी गुरनाम सिंह उर्फ ज्ञानी और गांव लातियाबाल, जिला कपूरथला, पंजाब निवासी दिलबाग सिंह उर्फ सोनू के रूप में हुई।
दोनों केकब्जे से एक-एक किलो हेरोइन व 20 लाख रुपये बरामद किए गए। हेरोइन को बेचकर ये रकम आई थी। गुरनाम सिंह दिलबाग सिंह का मामा है। बरामद कार दिलबाग सिंह के पिता व इस समय तिहाड़ तेज में मौजूद बलविंदर सिंह के नाम रजिस्टर है।
उन्होंने बताया कि हेरोइन उन्होंने द्वारका में रहने वाले अफ्रीकन मूल के लोगों से ली थी। अफ्रीकन मूल के लोग हेरोइन को पाकिस्तान व अफगानिस्तान से मंगाते थे। कैरियर हेरोइन को पाक व अफगानिस्तान से कैप्सूल के रूप में पेट में निगल कर भारत लाते थे।
भारत आने केबाद हेरोइन दिल्ली व पंजाब में सप्लाई करते थे। अफ्रीकन मूल के लोग भारत के अलावा इंग्लेंड, फ्रांस, कनाडा और साउथ अफ्रीका भी सप्लाई करते थे। आरोपियों ने कार में हेरोइन को रखने के लिए विशेष जगह बना रखी थी।