गुड़गांव स्थित अमेरिकन एक्सप्रेस बैंक से फर्जी नाम-पते पर क्रेडिट कार्ड बनवाकर सत्तर लाख रुपये की खरीदारी का मामला सामने आया है। इस मामले में बैंक के सत्यापन अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है। थाना सेक्टर-58 पुलिस ने मामला दर्ज कर पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया है।
सीओ टू विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि बैंक के सुरक्षा अधिकारी ने क्राइम ब्रांच नोएडा में शिकायत की थी कि उनके बैंक से 13 क्रेडिट कार्ड अगस्त 11 से अक्तूबर 12 के बीच बनवाए गए हैं। कार्ड के जरिये सत्तर लाख रुपये की खरीदारी की गई और बैंक को पेमेंट नहीं की गई।
अधिकारियों ने जांच की तो पता चला कि सेक्टर-55, 56 के जिन नाम और पतों पर क्रेडिट कार्ड बने हैं, वह फर्जी हैं। कार्ड बनवाने केदौरान बैंक की तरफ से सत्यापन करने वाले युवक की भूमिका संदेह के घेरे में है। पुलिस ने पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।
टारगेट के लिए फर्जी कार्ड?
पुलिस सूत्रों की मानें तो बैंक की तरफ से क्रेडिट कार्ड बनवाने वाले युवक पर टारगेट पूरा करने का दबाव था। युवक नोएडा में होम लोन दिलाने वाले राजेश नाम के युवक से मिला। राजेश ने झा नाम के एक शख्स के माध्यम से फर्जी क्रेडिट कार्ड बनवाए। टारगेट तो पूरा हो गया, लेकिन बैंक को 70 लाख की चपत लग गई।
तीन कार्डों पर एक ही तस्वीर?
13 क्रेडिट कार्डों से नोएडा व दिल्ली के बड़े ज्वेलरी शोरूम से सोने चांदी व हीरे केजेवरात खरीदे गए। एलसीडी, कम्प्यूटर, लैपटॉप भी खरीदे गए। इसके अलावा रेल व हवाई टिकट भी खरीदी गई। इन कार्डों में कई की लिमिट छह लाख तक रुपए थी।
कार्ड की लिमिट पूरी होने के बाद जब पेमेंट बैंक में जमा नहीं हुई तो बैंक अधिकारियों ने जांच शुरू की। दस्तावेज खंगाले गए तो तीन कार्डों पर एक ही शख्स की फोटो लगी थी। कार्डों का सत्यापन करने वाला युवक इस दौरान नौकरी छोड़ चुका था।