भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण दिल्ली में तैनात मैनेजर के साथ 63 लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है। पेट्रोलियम व गृहमंत्री से पहचान होने की बात कर आरोपी राजवीर सिंह ने गैस एजेंसी व एक दुकान दिलाने का झांसा देकर पीड़ित अनिल कुमार से कुल 63 लाख रुपये ठग लिये।
रुपये वापस मांगने का दबाव बनाने पर आरोपी ने दिसंबर में पैसे वापस देने का कोर्ट में इकरारनामा भी कर लिया लेकिन न तो उसने रुपये वापस किए और अब उसने पीड़ित परिवार को धमकाना भी शुरू कर दिया है। परेशान होकर अनिल ने अपराध शाखा से शिकायत की। अपराध शाखा पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक मूलरूप से जयपुर के रहने वाले पीड़ित अनिल कुमार परिवार के साथ फिलहाल दिल्ली में रहते हैं। अनिल भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण में प्रबंधक (अभीयंत्रिकी सिविल) तैनात है।
वर्ष 2009-10 के दौरान अनिल की तैनाती जयपुर हवाई अड्डे पर थी। इस दौरान उनकी मुलाकात जयपुर निवासी राजवीर से हुई। दोनों की दोस्ती हुई एक दूसरे के घर आना-जाना हुआ। इस बीच अनिल का तबादला होने के कारण दोनों के बीच कोई संपर्क नहीं रहा।
इस बीच वर्ष 2016 के शुरूआत में दोनों फोन से संपर्क में आए। राजवीर दिल्ली उसके घर भी आया। परिजनों ने उससे अनिल के भाई-बहन के बेरोजगार होने की बात बताई तो वह मंत्रियों से रसूक होने की बात कर गैस एजेंसी दिलाने की बात करने लगा।
अनिल व उसका परिवार उसके झांसे में आ गया। गैस एजेंसी के नाम पर आरोपी ने परिवार से धीरे-धीरे रुपये ऐंठना शुरू कर दिया। कभी सिक्योरिटी तो कभी किराए का गोदाम लेने के लिए तो कभी सिलेंडर खरीदने के नाम पर आरोपी ने पीड़ित से लाखों रुपये ठग लिये।
रुपये का इंतजाम न होने पर आरोपी ने खुद ही एक जानकार के जरिये 35 लाख रुपये लोन दिलाकर वह भी ऐंठ लिया। परिवार को जब शक हुआ तो उसने कहा कि वह रुपयों के बदले पॉश इलाके में एक दुकान परिवार को दिला देगा।
बाद में इसके नाम पर भी आरोपी ने परिवार से लाखों रुपये ऐंठ लिये। रुपये वापस मांगने के दबाव पर आरोपी ने अक्तूबर 2016 में कोर्ट में एक राजीनामा किया। जिसमें आरोपी ने बताया कि वह दिसंबर में सारे रुपये लौटा देगा।
लेकिन इसके बाद भी आरोपी ने रुपये नहीं दिया। उल्टा वह परिवार को फोन पर धमकाने लगा। परेशान होकर अनिल ने मामले की शिकायत अपराध शाखा से की। बृहस्पतिवार को पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।