शोर सुनकर पीछे से छात्रों ने दौड़ाया तो स्कार्पियो खड़ी कर चालक भागा
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बीएचयू परिसर में सिंह द्वार के पास सर सुंदरलाल अस्पताल की ओर जाने वाले गेट के समीप गुरुवार की रात छात्रों ने एक स्कार्पियो पर पथराव कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। सभी का कहना था कि स्कार्पियो सवार निष्काषित छात्र प्रभात उपाध्याय का अपहरण कर रहे थे।
सूचना पाकर लंका पुलिस ने झारखंड नंबर की स्कार्पियो को कब्जे में ले लिया और छात्रों को समझाकर शांत कराया। पुलिस के अनुसार अपहरण नहीं किया गया था। लिफ्ट नहीं मिली तो निष्काषित छात्र ने बखेड़ा खड़ा कर दिया।
बीएचयू से निष्काषित बीए द्वितीय वर्ष का छात्र प्रभात उपाध्याय गुरुवार की रात बिरला हॉस्टल के समीप खड़ा था।
प्रभात उपाध्याय के अनुसार इसी दौरान एक तेज रफ्तार अनियंत्रित स्कार्पियो ब्रोचा हॉस्टल की ओर से आती हुई दिखी। उससे बचने के लिए वह उछला तो स्कार्पियो के पावदान होते हुए बोनट पर आ गया।
चालक ने स्कार्पियो की रफ्तार धीमी नहीं की बल्कि और तेजी से भगाता गया। इस बीच वह शोर मचाता रहा तो अन्य छात्रों ने उसका अपहरण समझकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड को सूचना दी। साथ ही खुद भी पीछा करने लगे।
खुद को घिरता देख चालक ने उसे आईआईटी के पास उतारा और वापस लंका की ओर मुड़ गया। इस बीच प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने यूनिवर्सिटी के सभी गेट को बंद करा दिया था। जिसके चलते चालक ने सिंह द्वार के पहले अस्पताल जाने वाले रास्ते पर स्कार्पियो खड़ी की और भाग निकला।
गुस्साए छात्र मौके पर पहुंचे और स्कार्पियो पर पथराव कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिए। घटना को लेकर लंका पुलिस को हत्या के प्रयास और अपहरण की तहरीर दी गई है।
इस संबंध में इंस्पेक्टर लंका तेजबहादुर सिंह ने बताया कि छात्रों ने बिरला हॉस्टल के पास स्कार्पियो वाले से लिफ्ट मांगी। नहीं मिली तो प्रभात कूदकर स्कार्पियो के पावदान होते हुए बोनट पर चढ़कर चिल्लाने लगा। छात्रों ने उसका अपहरण समझ पीछा किया तो चालक घबराकर भागा। मेन गेट बंद होने पर जब उससे कुछ समझ नहीं आया तो वह स्कार्पियो खड़ी कर भाग निकला। इसके अतिरिक्त और कोई अन्य मामला नहीं है।