प्लाइवुड कारोबारी से बेटे को अगवा करने की धमकी देकर 60 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में पुलिस ने दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों नेे कारोबारी के पड़ोसी फैक्ट्री मालिक से भी रंगदारी मांगी थी। पकड़े गए आरोपी झांसी और बिहार के रहने वालेे हैं इनमें से एक दिव्यांग है।
एसपी देहात सुजाता सिंह ने बताया कि शहर में रहने वाले एक प्लाइवुड कारोबारी के फोन पर 1 नवंबर को अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वालेे व्यक्ति ने उससे पहले 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। कॉल के बाद से कारोबारी बेहद घबरा गया।
उसने इस संबंध में पुलिस को न शिकायत दी और न ही डर के कारण सूचना दी। आरोपी इसके बाद आए दिन कॉल कर कारोबारी को धमकाने लगे। आरोपियों ने बुधवार को फिर कॉल कर कारोबारी से 60 लाख की रंगदारी मांगी।
आरोपियों ने कारोबारी के परिवार व बेटे के आनेेजाने के संबंध में पूरी जानकारी देेकर कहा कि अगर रुपये शुक्रवार सुबह 11 बजे तक नहीं मिले, तो वह उसके बेटे की अपहरण कर हत्या कर देंगे।
उधर आरोपियों ने पड़ोस में रहने वाले फैक्ट्री मालिक को रंगदारी के लिए फोन किया। किसी तरह इस मामले की भनक पुलिस को लग गई। एंटी एक्सटोर्शन सेल और नॉलेज पार्क थाना प्रभारी अजय कुमार शर्मा की टीम ने शुक्रवार को एलजी गोल चक्कर के पास से धर्मेंद्र कुमार निवासी पटना और मोहन निवासी ललितपुर, झांसी को गिरफ्तार किया है।
धर्मेंद्र प्लाइवुड कारोबारी के यहां और दिव्यांग मोहन पड़ोस की फैक्ट्री में काम करता है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कासना जाकर नया सिम खरीदा और दिल्ली जाकर मालिक को रंगदारी की कॉल की। मोहन आवाज बदलकर रंगदारी के लिए फोन करता था।
आरोपियों ने मालिक को बताया कंजूस
पुलिस को आरोपियों ने यह भी बताया कि प्लाइवुड कारोबारी कंजूस है वह उनके वेतन में काफी कम बढ़ोतरी करता है। कुछ दिन पहले धर्मेंद्र को चोट लग गई थी। इस दौरान तीन सौ रुपयेे मांगने पर मालिक ने नहीं दिए थे।
इसी आदत के चलते वह काम छोड़ना चाहता था लेकिन उसके वेतन के 3200 रुपयेे रोके हुए थे। इसके चलते वह काम भी नहीं छोड़ पा रहा था। धर्मेंद्र ने यह बात फैक्ट्री के कर्मचारी मोहन को बताई और उन्होंने रंगदारी मांगने का प्लान बनाया।