चुनावी टिकट दिलाने का झांसा देकर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में आरोपी आप नेता रामप्रताप गोयल को अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया। इस मामले में आप विधायक राखी बिड़लान के पिता भी आरोपी है। शादीशुदा महिला ने रोहिणी दक्षिण थाने में सामूहिक दुष्कर्म का मामला छह नवंबर को दर्ज करवाया था।
रोहिणी जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार अग्रवाल ने आप नेता रामप्रताप गोयल को अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया। मामले में पीड़िता के अधिवक्ता प्रदीप राणा व पुलिस ने जमानत याचिका का विरोध किया था।
आप नेता की जमानत याचिका पर बहस करते हुये अधिवक्ता आरके बर्मन ने कहा कि यह मामला राजनीति व दुर्भावना से प्रेरित है। उनका मुव्वकिल केवल एक जिला स्तर का अधिकारी है और वह किसी को टिकट देने में समर्थ नहीं है। दिल्ली में निकट भविष्य में कोई चुनाव भी नहीं है।
अभियोजन पक्ष ने याचिका का विरोध करते हुये कहा कि मामले की जांच अभी शुरुआती दौर में है और साक्ष्य जुटाने व तथ्यों की जांच के लिये गोयल को हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है। अगर उसे अग्रिम जमानत दी जाती है तो वह अपने रसूख का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित कर सकता है।
पेश मामले में पीड़िता ने रामप्रताप गोयल व विधायक राखी के पिता भूपेंद्र के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाया है। पीड़िता के मुताबिक कुछ समय पहले रामप्रताप गोयल से उसका परिचय हुआ था।
उन दोनों के बीच कुछ समय बाद फोन पर बातें होने लगीं। गोयल ने खुद को आप पार्टी का नेता बताया और कहा वह पीड़िता को आगामी निगम चुनाव का टिकट दिला देगा। पीड़िता का आरोप है कि एक दिन गोयल ने उसे जरूरी बात करने के बहाने से रोहिणी इलाके में अपने दफ्तर के नजदीक बुलाया और बाद में अपने दोस्त के खाली फ्लैट पर ले जाकर शारीरिक संबंध बनाये। इतना ही नहीं गोयल ने टिकट का झांसा देकर भूपेंद्र से भी संबंध बनाने के लिये मजबूर किया।