खत्म हो चुकी जीवन बीमा पॉलिसी पर बोनस की मोटी रकम और 1.5 लाख रुपये प्रतिमाह पेंशन दिलाने के नाम पर साइबर ठगों ने गृह और विदेश मंत्रालय में 30 साल सेवा देने वाले सेवानिवृत्त इंद्रजीत अरोड़ा से 55 लाख रुपये हड़प लिए।
बोनस की रकम देने के लिए 48,719 रुपये प्रोसेसिंग फीस से शुरू हुई ठगों की मांग लाखों तक पहुंच गई। अंत में न बोनस मिला और न निवेश की गई रकम तो उन्होंने पुलिस में शिकायत की।
अशोका एन्क्लेव पार्ट दो में रह रहे इंद्रजीत अरोड़ा ने बताया कि उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक से जीवन बीमा पॉलिसी कराई थी जो अक्टूबर 2014 में समाप्त हो गई। दिसंबर 2014 में उन्हें आईपीआरयू लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन से सुमन देसाई नाम की महिला ने फोन किया।
सुमन ने बताया कि उनकी जो बीमा पॉलिसी खत्म हुई है उस पर 10.23 लाख रुपये बोनस है। क्योंकि पॉलिसी समाप्त हो चुकी है, इसलिए वह सीधे आईसीआईसीआई बैंक से बोनस नहीं ले सकते।
सुमन ने बताया कि उसकी कंपनी उन्हें बोनस दिलाएगी। उन्हें बोनस राशि जारी करने की प्रोसेसिंग फीस के रूप में 48,719 रुपये जमा करवाने को कहा गया। उन्होंने कंपनी मैनेजर के खाते में धन जमा करवा दिया।
इसके बाद खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताने वाले घनश्याम दास ने उन्हें फोन किया और विभिन्न प्रोसेसिंग के लिए एक लाख से 12 लाख रुपये तक जमा करवाने को मजबूर करता रहा।
मार्च 2015 में उन्हें कंपनी की ओर से बताया गया कि बोनस राशि स्वीकृत हो गई है लेकिन इसे पाने के लिए पेंशन स्कीम लेनी होगी। स्कीम के तहत उन्हें मार्च 2015 से ही डेढ़ लाख रुपये माह पेंशन मिलनी शुरू हो जाती।
पेंशन के लिए कंपनी ने उन्हें नया बैंक खाता खुलवाने को कहा। उन्होंने खाता खुलवाया तो ठगों ने उनके खाते से रकम निकालनी शुरू कर दी। अगस्त 2015 तक ठग उनसे और उनके बैंक खाते से 55 लाख रुपये ले चुके थे। परेशान होकर उन्होंने इसकी शिकायत साइबर सेल में की।
एसएचओ सराय ख्वाजा इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने बताया कि साइबर सेल की जांच में इंद्रजीत अरोड़ा के साथ धोखाधड़ी की बात सही साबित हुई, जांच के बाद केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।