क्रेडिट व एटीएम कार्ड से खरीदारी करने पर मिलने वाले बोनस प्वाइंट का लालच देकर लोगों को ठगने वाले दो बदमाशों को सेंटर फॉर साइबर क्राइम इनवेस्टिगेशन (सीसीसीआई) की टीम ने दबोचा है। गिरोह के सदस्य अब तक 150 लोगों से करीब 40 लाख रुपये की ठगी कर चुके हैं। दोनों बदमाशों के खिलाफ नवी मुंबई के एनआरआई थाने में भी रिपोर्ट दर्ज है।
सीसीसीआई प्रभारी विवेक रंजन राय ने बताया कि उत्तम नगर, दिल्ली निवासी मनीष और सतेंद्र दोस्त हैं। दोनों ने स्नातक तक की पढ़ाई की है। जल्द अमीर बनने की चाहत में दोनों ने ठगी करनी शुरू कर दी। दिल्ली, द्वारका सेक्टर-12 में कॉल सेंटर खोलकर वहां से साइबर क्राइम की घटना को अंजाम देने लगे। इन्होंने मुंबई निवासी मुकुंद से ठगी की। इसकी नवी मुंबई के एनआरआई थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई और मुंबई पुलिस दोनों को तलाश रही थी।
दोनों ने 22 जून को सॉफ्टवेयर डेवलपर स्वामीनाथन से उनके क्रेडिट कार्ड की डिटेल पूछी और 2500 रुपये अपने पेटीएम वैलेंट अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए। पूछताछ में दोनों ने बताया कि यह बैंक डाटा खरीदते थे। उसके बाद लोगों को कॉल कर लालच देते थे कि क्रेडिट कार्ड से की गई खरीदारी पर उन्हें बोनस प्वाइंट मिले हैं।
एक बोनस प्वाइंट के एवज में दो रुपये मिलेंगे। किसी को भी 8 से 10 हजार बोनस प्वाइंट का लालच देकर उसे जाल में फंसा लेते थे। फिर क्रेडिट कार्ड या एटीएम डिटेल पूछकर उससे खरीदारी कर लेते या पेटीएम के जरिये रुपये ट्रांसफर कर लेते थे। सर्विलांस से बृहस्पतिवार शाम को दिल्ली स्थित उनके कॉल सेंटर पर छापेमारी की गई और वहां से दोनों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से लैपटॉप, डेस्कटॉप, दर्जनों एटीएम कार्ड, फर्जी सिम कार्ड, वॉकी टॉकी आदि बरामद किए गए हैं।
मनीष और सतेंद्र की गिरफ्तारी की सूचना मुंबई पुलिस को दी गई है। मुंबई पुलिस इन्हें ट्रांजिट रिमांड पर ले जाएगी। अब तक की जांच में इनके तीन बैंक अकाउंट का पता चला है जिसमें इन्होंने करीब 150 ट्रांजक्शन किए हैं। करीब 40 लाख की धोखाधड़ी इस गिरोह ने की है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जाना बाकी है।
- दिनेश यादव, एसपी सिटी