इंश्योरेंस पॉलिसी में निवेश कर अच्छा रिटर्न व पेंशन दिलवाने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गिरोह के तीन बदमाशों को उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस ने दबोचा है। आरोपियों की पहचान फ्रेंड्स कॉलोनी (गुरुग्राम) निवासी मोहित भारद्वाज (28), इसके जीजा दिल्ली निवासी सीपू सिंह (26) और बुढ़ाना फाटक, बागपत (यूपी) निवासी भारत भूषण शर्मा (24) के रूप में हुई है।
आरोपियों ने दिल्ली के एक कांट्रेक्टर से निवेश के नाम पर 19 लाख से अधिक रुपये ठग लिए थे। पीड़ित को डेढ़ करोड़ रुपये की पेंशन दिलवाने का झांसा दिया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से छह मोबाइल, एक पासबुक, तीन चेकबुक और फर्जी वोटर आईकार्ड, पैन कार्ड व अन्य सामान बरामद किया है।
उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त मिलिंद महादेव डुंबरे ने बताया कि पीड़ित महेंद्र सरोज परिवार के साथ अशोक विहार में रहते हैं। इनका उड़ीसा में लेबर कांट्रेक्ट का काम है। पीड़ित ने बताया कि मार्च 2017 में एक शख्स ने कॉल कर एसके मदान नाम बताकर खुद को इंश्योरेंस कंसलटेंट बताया।
बातचीत के बाद आरोपी अगले दिन उनके घर पहुंच गया। आरोपी ने बताया कि वह निजी बैंक के खातों में दो इंश्योरेंस पॉलिसी कराकर डेढ़ करोड़ रुपये पेंशन पा सकते हैं। पीड़ित उनके झांसे में आ गया। इसके बाद उनके पास मनोज तिवारी नामक शख्स का कॉल आया। हेल्थ इंश्योरेंस का झांसा देकर वह उनसे 38,399 रुपये ले गया।
महेंद्र ने आरोपियों के कहने पर तीन अलग-अलग खातों में 19 लाख रुपये जमा करा दिए। पीड़ित आरोपियों द्वारा बताए गए उनके दफ्तर पर पहुंचे, तो पता चला कि इस नाम का कोई भी शख्स वहां काम नहीं करता है।
पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने जिन खातों में रुपये डलवाए हैं, वह किसी रामलाल व संतोष देवी के नाम से फर्जी कागजात पर खोले गए हैं।
पुलिस ने सर्विलांस के आधार पर 28 जुलाई को एक आरोपी सीपू को द्वारका से दबोच लिया। इसके बाद सीपू के साले मोहित भारद्वाज और अन्य भारत भूषण को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध कबूल कर लिया।
कॉल सेंटर में कर चुके हैं काम
पकड़े गए तीनों आरोपी किसी न किसी इंश्योरेंस कंपनी के कॉल सेंटर में काम कर चुके हैं। आरोपियों को अच्छी तरह पता था कि किस तरह लोगों को पॉलिसी के नाम पर ठगा जा सकता है। पहले आरोपी कॉल कर पीड़ितों को मोटी रकम रिटर्न करने और करोड़ों की पेंशन दिलवाने का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद ऑनलाइन एनईएफटी के जरिये या अपने फर्जी खातों में रुपये डालने के लिए कहा जाता था। रुपये डालते ही आरोपी गाजियाबाद या आसपास के इलाकों में एटीएम के जरिये रकम निकाल लेते थे।
कौन हैं पकड़े गए आरोपी
ठगी करने वाला मोहित रोहतक की एमडी यूनिवर्सिटी से बीटेक ग्रेजुएट है। वह कई निजी कंपनियों में नौकरी कर चुका है। उसने फर्जी कागजात के आधार पर रामलाल के नाम से कई बैंक खाते खुलवाए हुए हैं। आरोपी इन्हीं खातों में रुपये जमा करवाकर निकाल लिया करते थे। मोहित का जीजा सीपू दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट है, पहले वह पुरानी कारें खरीदने बेचने का काम करता था। सीपू गैंग का मास्टरमाइंड है। वहीं भारत भूषण बागपत का रहने वाला है। उसने इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स करने के बाद कई कॉल सेंटरों में काम किया था।