मंडावली इलाके के गणेश नगर में डिप्रेशन का शिकार युवक पांचवी मंजिल से नीचे कूद गया। राहगीरों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। खबर मिलने के कुछ ही देर बाद पीसीआर वैन मौके पर पहुंच गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीसीआर पर तैनात पुलिस कर्मियों ने घायल को उठाकर न तो अस्पताल पहुंचाने का प्रयास नहीं किया और न ही उसे उठाया। मौके पर मौजूद लोगों ने खुद ही घायल को पीसीआर में उठाकर रखा।
बाद में पुलिसकर्मियों ने उसे एलबीएस अस्पताल पहुंचा, इलाज के दौरान कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त पंकज कुमार (23) के रूप में हुई है। पुलिस ने मंगलवार पोस्टमार्टम के बाद पंकज का शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने खुद पर लगे आरोपों से इंकार किया है।
पुलिस के मुताबिक पंकज परिवार के साथ एस-668, स्कूल ब्लॉक, शकरपुर में रहता था। इसके परिवार में पिता राकेश कुमार, मां और एक बड़ा भाई है। वर्ष 2013 में पंकज 12वीं कक्षा की परीक्षा दे रहा था। उसी दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई।
पंकज परीक्षा नहीं दे पाया और डिप्रेशन का शिकार हो गया। इसके बाद लगातार उसका इहबास अस्पताल से इलाज चल रहा था। रविवार दिन में पंकज घर से बाहर निकल गया। इस बी शाम करीब 4.00 बजे वह गणेश नगर कॉम्पलैक्स पहुंचा। वहां उसने एक मकान पर चढ़कर पांचवीं मंजिल से नीचे छलांग लगा दी।
खबर मिलते ही कुछ देर बाद पीसीआर मौके पर पहुंच गई। लोगों का का आरोप है कि पुलिस ने न तो पीसीआर से स्ट्रेचर निकाली और न ही उसे उठाकर पीसीआर में रखा। लोगों ने खुद ही उसे उठाकर किसी तरह पीसीआर में रखा और अस्पताल पहुंचवाया।
घटना के दौरान किसी ने वीडियो बनाकर व्हाट्सऐप पर उसे वायरल भी कर दिया। इधर इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। रविवार को मृतक की उसकी पहचान नहीं हो गई। इधर सोमवार को परिजनों ने एलबीएस अस्पताल की मोर्चरी में मृतक की पहचान पंकज के रूप में की। पुलिस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने खुद पर लगे आरोपों से इंकार किया है, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तुरंत उसे अस्पताल पहुंचा दिया गया।